रविवार को चंद्रशेखर हाथरस कांड में मृतक युवती के परिजनों से मिलने के लिए उनके घर गए थे। इस दौरान बड़ी संख्या में समर्थन भी उनके साथ थे।
पुलिस प्रशासन से भी नोंकझोंक हुई थी। जिसके बाद भीम आर्मी/आजाद समाज पार्टी संस्थापक चंद्रशेखर आजाद और 400-500 अज्ञात लोगों के खिलाफ महामारी एक्ट और आईपीसी की कई धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। उनपर हाथरस में सीआरपीसी की धारा 144 के उल्लंघन का आरोप है।
चंद्रशेखर ने कहा था कि चंदपा कांड में सरकार ने लोकतंत्र की हत्या की है। हाथरस के जिलाधिकारी की कार्यशैली ऐसी है कि वे आने वाले समय में बिटिया के परिवार को ही आरोपी बना सकते हैं।
मैं हाथरस से अभी अपने परिवार से मिलकर निकला हूँ स्तब्ध हूँ। मेरी बहन के माँ और पिता जी दोनो रोते हुए एक ही बात बोल रहे थे कि बेटा हमें यहां से ले चलो। मेरे परिवार को डराया जा रहा है, मैं परिवार को साथ ले जाना चाहता हूँ लेकिन प्रशासन ने मना कर दिया, हम कल कोर्ट में अपील करेंगे।
— Chandra Shekhar Aazad (@BhimArmyChief) October 4, 2020
उन्हें सीबीआई जांच पर कतई भरोसा नहीं है। इस मामले की सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त दो जजों की निगरानी में जांच होनी चाहिए।
आज मीडिया के साथियों के साथ बदसलूकी व जयंत चौधरी जी पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज सरकार की निरंकुशता को दिखाता है। अपराधियों को संरक्षण देने वाली योगी सरकार विपक्षी नेताओं को पीड़िता का दुख बांटने भी नहीं दे रही है। सत्ता का इतना अहंकार ठीक नहीं योगी जी। @jayantrld
— Chandra Shekhar Aazad (@BhimArmyChief) October 4, 2020
उन्होंने परिवार की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा था कि या तो परिवार को वाई श्रेणी सुरक्षा मिले, वरना विधानसभा घेरी जाएगी और मुख्यमंत्री को चैन से सोने नहीं दिया जाएगा रविवार को चंदपा में बिटिया के घर पहुंचे चंद्रशेखर ने यह बातें मीडिया से बातचीत में कहीं थीं।
मैं हाथरस से अभी अपने परिवार से मिलकर निकला हूँ स्तब्ध हूँ। मेरी बहन के माँ और पिता जी दोनो रोते हुए एक ही बात बोल रहे थे कि बेटा हमें यहां से ले चलो। मेरे परिवार को डराया जा रहा है, मैं परिवार को साथ ले जाना चाहता हूँ लेकिन प्रशासन ने मना कर दिया, हम कल कोर्ट में अपील करेंगे।
— Chandra Shekhar Aazad (@BhimArmyChief) October 4, 2020
उन्होंने परिवार की सुरक्षा का मुद्दा उछालते हुए कहा कि गांव में परिवार कतई सुरक्षित नहीं हैं। उन्हें धमकियां मिल रही हैं। उनके घर आने वालों पर पथराव हो रहे हैं। ऐसे में या तो परिवार को वाई श्रेणी सुरक्षा दी जाए वरना परिवार को वे अपने साथ ले जाएंगे।
उन्होंने कहा कि जब सिनेस्टार कंगना को सुरक्षा दी जा सकती है तो इस बेटी के परिवार को क्यों नहीं। उन्होंने तल्ख तेवर में कहा कि अगर हमारी सरकार होती तो किसी की ऐसी हिमाकत नहीं हो पाती।