नागरिकता संशोधन कानून को लेकर एक बार फिर से AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि, सीएए नागरिकता देता भी है और लेता भी है। असम में पांच लाख मुसलमानों के नाम नहीं आए, लेकिन असम के बंगाली हिंदुओं को नागरिकता देना चाहते हैं। मैं घुसपैठी नहीं घुसपैठियों का बाप हूं। एनपीआर एनआरसी एक ही है।
ओवैसी ने इससे पहले सोमवार को भी लोकसभा में सीएए का विरोध करने वालों पर हुई कार्रवाई के मुद्दे को उठाया था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि सीएए का विरोध करते हुए जामिया मिलिया इस्लामिया के जिन बच्चों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, वे उनके साथ खड़े हैं, और सरकार ने उन बच्चों के साथ न्याय नहीं किया है।
बताते चले कि नागरिकता कानून को लेकर दिल्ली के जामिया और शाहीन बाग इलाके में पिछले 52 दिनों से विरोध प्रदर्शन हो रहा है। शाहीन बाग में अब तक तीन बार फायरिंग भी की जा चुकी है। वहीं, शाहीन बाग में सरकार ने विपक्षी पार्टियों पर आरोप लगाया था कि वो महिलाओं और बच्चों की आड़ में अपनी अपनी राजनीति कर रहे हैं।