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बोर्ड परीक्षा में बद-इंतजामी, कहीं जमीन पर बैठकर तो कहीं टपकती छत के नीचे परीक्षा

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By: Abhinav Tiwari 
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बोर्ड परीक्षा में बद-इंतजामी, कहीं जमीन पर बैठकर तो कहीं टपकती छत के नीचे परीक्षा

शाजापुर जिले में कक्षा पाँचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू होते ही शिक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही सामने आई है। कहीं बच्चों को जमीन पर बैठाकर परीक्षा दिलाई गई, तो कहीं टपकती छत के नीचे विद्यार्थियों को सवालों के जवाब लिखने पड़े। शुजालपुर विकासखंड के ग्राम भीलखेड़ी में फर्नीचर के अभाव के चलते एक हॉल में बच्चों को जमीन पर मैटी बिछाकर हिंदी का पहला प्रश्नपत्र हल करवाया गया। 20 फरवरी शुक्रवार से कक्षा 5वीं और 8वीं का हिंदी का पेपर दोपहर 2 बजे से 4:30 बजे तक आयोजित हुआ।

वहीं शाजापुर जिले के ग्राम पिपलिया गोपाल में शासकीय माध्यमिक विद्यालय की बदहाल स्थिति सामने आई। परीक्षा के दौरान बारिश शुरू होने से कक्षा की छत से पानी टपकने लगा। 144 विद्यार्थी टाटपट्टी पर बैठकर परीक्षा दे रहे थे। छत से टपकते पानी से बचाव के लिए कक्षा में बाल्टी और मग रखे गए, लेकिन इसके बावजूद टाटपट्टी गीली हो गई और फर्श पर पानी फैल गया। कई बच्चों के कपड़ों पर भी पानी टपकता रहा, फिर भी उन्हें उसी हालत में परीक्षा देनी पड़ी।

स्कूल की प्राचार्य शबाना परवीन (शिक्षिका) “हमें पहले से जानकारी नहीं थी कि बारिश होगी। परीक्षा शुरू होने के बाद अचानक बारिश आ गई और छत से पानी टपकने लगा। आज पहला पेपर था, इसलिए परीक्षा करानी पड़ी।”

वही शुजालपुर स्कूल के डीएस मालवीय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, शुजालपुर ने कहा कि “भीलखेड़ी में वाहन समय पर उपलब्ध नहीं होने के कारण फर्नीचर नहीं पहुंच पाया था। जानकारी मिलते ही तत्काल व्यवस्था कर फर्नीचर भिजवा दिया गया है।” एक ओर अधिकारी व्यवस्थाएं दुरुस्त होने की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत बच्चों की परेशानियों को बयां कर रही है। सवाल यही है कि बोर्ड परीक्षाओं जैसे संवेदनशील समय में बुनियादी सुविधाओं की कमी आखिर क्यों?

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