बिहार के हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट और ग्रामोद्योग के उत्पादों को देश के कोने कोने तक पहुंचाने की कोशिशों के तहत एक और बड़ी कोशिश की गई है। पहली बार राज्य से बाहर बिहार क्राफ्ट मेला लगाया गया है। हैदराबाद के प्रसिद्ध सार्वजनिक हाट शिल्परामन में शनिवार को बिहार क्राफ्ट मेला का शुभारंभ केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी और बिहार के उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने संयुक्त रूप से किया।

हैदराबाद के प्रसिद्ध शिल्परामन हाट में लगे बिहार क्राफ्ट मेले में पूरे बिहार के हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट, खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की प्रदर्शनी लगी है। मेले में बिहार के 54 स्टॉल्स लगे हैं जिनमें सिल्क, मधुबनी पेंटिंग समेत बिहार की तमाम लोक कलाकृतियां और पारंपरिक उत्पाद प्रदर्शनी और खरीद के लिए उपलब्ध हैं।

केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी ने बिहार क्राफ्ट मेले का शुभारंभ करने के बाद उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन के साथ मेले में लगे सभी स्टॉल्स का भ्रमण भी किया और मेड इन बिहार उत्पादों को बारीकी से देखा। बिहार क्राफ्ट मेले के भ्रमण के बाद मीडिया से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि वाकई बिहार की लोक कलाएं शानदार हैं और बिहार क्राफ्ट मेले का आयोजन हैदराबाद में हर साल होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय पर्यटन मंत्री के तौर पर उन्हें जहां भी मौका मिलेगा, बिहार के उत्पादों को प्रोत्साहित करने की पूरी कोशिश करेंगे।

बिहार के उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जी किशन रेड्डी जी ने बिहार क्राफ्ट मेले का शुभारंभ और सभी स्टॉल्स का निरीक्षण कर बिहार के हथकरघा कारीगरों और पारंपरिक उद्योगों में जुड़े लोगों को प्रोत्साहित करने का काम किया है जिसके लिए वो हमेशा जी किशन रेड्डी जी के शुक्रगुजार रहेंगे।
सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा कि यह तो शुरुआत है। हैदराबाद में पहली बार बिहार क्राफ्ट मेला लगा है और इस तरह के मेले बिहार के बाहर कई और प्रमुख जगहों पर लगाए जाएंगे।
सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा कि हमारी शुरू से कोशिश है कि बिहार में बड़े उद्योग लगे तो जो बिहार की पहचान रही है, प्रसिद्ध लोक कलाएं या पारंपरिक उद्योग जिसने यहां के लोगों को सदियों से रोजगार के साधन दिए हैं, वो भी तेजी से आगे बढ़े। इस कोशिश के तहत कई तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। क्राफ्ट मेला व प्रदर्शनी के जरिए भी बिहार के उत्पादों को बढ़ाने की कोशिश की जाती रहेगी।