बिहार में 2020 में विधानसभा चुनाव होने वाले है। चुनाव होने से पहले महागठबंधन में एक बार फिर मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर उथल-पुथल जारी है। महागठबंधन में शामिल दलों में मुख्यमंत्री पद के लिए किसी एक नेता के नाम पर सहमति नहीं हो पा रही है।
इस बीच बीते शुक्रवार को महागठबंधन में शामिल राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) से उपेंद्र कुशवाहा, विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) से मुकेश सहनी, हिंदुस्तान अवाम मोर्चा (हम) से जीतनराम मांझी और लोजद के संयोजक शरद यादव की अगुवाई में बंद कमरे में एक बैठक हुई, मगर इससे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस के नेता नदारद रहे।
बता दें कि, पत्रकारों से बातचीत के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने बताया कि, 18 फरवरी के बाद ही इस मामले के बारे में कुछ कुछ बात करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि, अभी कोई बात नहीं हुई है। पिछले समय क्या हुआ सबको मालूम है।
इसलिए इस बार वो गलती दोबारा न हो इसके लिए सोच-विचार करके फैसला लिया जाएगा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, महागठबंधन में आम आदमी पार्टी (आप) को शामिल किया जाए या नहीं इसको लेकर भी चर्चा की जा रही है।