नई दिल्ली : अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद एक तरफ जहां तकरीबन 60 देश इसके खिलाफ है, वहीं चीन, पाकिस्तान और रूस जैसे कुछ ऐसे देश है, जो तालिबानी सरकार को अफगानिस्तान में मान्यता दे रहे है। हालांकि इसे लेकर अब भारत में भी सियासी बयानबाजी शुरू हो गई है।
पहले सपा सांसद डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क ने तालिबान का समर्थन करते हुए बयान दिया था, जिस पर विवाद खड़ा हो गया और केस भी दर्ज हो गया और अब बीजेपी विधायक (BJP MLA) हरिभूषण ठाकुर ने ऐसा बयान दिया है, जिस पर विवाद होना तय है। बिहार से बीजेपी विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल ने कहा कि ‘अफगानिस्तान के हालात से भारत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। लेकिन जिन लोगों को भारत में डर लग रहा है, वो अफगानिस्तान चले जाएं। वहां पेट्रोल-डीजल भी सस्ता है।’
जेडीयू नेता गुलाम रसूल बलियावी ने कहा कि ‘धर्म के नाम पर देश बंट गया, ये लोग फिर बांटेंगे। अगर भारत के लोग नहीं संभले तो भारत भी अफगानिस्तान और तालिबान बन जाएगा। लोग समझ नहीं रहे हैं और सिर्फ वोट के चश्मे से देख रहे हैं।’ उन्होंने अपील करते हुए कहा कि भारतीयों को अफगानिस्तान को देखने और उससे सीखना चाहिए।
डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क पर केस दर्ज
वहीं, यूपी से सपा सांसद डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क ने मंगलवार को तालिबान का समर्थन करते हुए कहा था कि उन्होंने अपने देश को आजाद कराया है। उन्होंने कहा था, हिंदुस्तान में जब अंग्रेजों का शासन था और उन्हें हटाने के लिए हमने संघर्ष किया, ठीक उसी तरह तालिबान ने भी अपने देश को आजाद किया। तालिबान ने रूस, अमेरिका जैसे ताकतवर मुल्कों को अपने देश में ठहरने नहीं दिया। इसके बाद बुधवार को उनके खिलाफ IPC की धारा 153 A, 124 A और 295 A के तहत केस दर्ज किया गया है।
हालांकि अपने दूसरे बयान में शफीकुर्रहमान बर्क ने अपने पहले बयान से इंकार किया है। अब देखना यह है कि शफीकुर्रहमान के इस बयान के बाद सपा क्या कदम उठाती है। क्या वह उन्हें अपनी पार्टी में रखेंगी या बाहर का रास्ता दिखायेगी।