देहरादून : इस कड़ी में इन दिनों पार्टी की मंडल इकाइयों के प्रशिक्षण वर्ग चल रहे हैं और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत कार्यकर्ताओं में निरंतर जोश भर रहे हैं। शनिवार को भगत ने कहा कि भाजपा उत्तराखंड की जनता के दिलों में रची-बसी है। आगामी विधानसभा चुनाव में भी राज्य की जनता भाजपा को ही प्रचंड बहुमत देने जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे कांग्रेस हताश व निराश है और ओछे हथकंडे अपना रही है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भगत ने कहा कि प्रदेश की त्रिवेंद्र रावत सरकार राज्य के चहुंमुखी विकास में जुटी है। उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रही है। कहीं भी किसी को बख्शा नहीं जा रहा है। इससे हताश व निराश कुछ व्यक्तियों ने मुख्यमंत्री के खिलाफ तमाम तरह के षड्यंत्र रचने की कोशिश की। हालिया प्रकरण में वही व्यक्ति याचिकाकर्ता था, जिसने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का स्टिंग ऑपरेशन किया था।
कांग्रेस ने स्टिंग के एवज में समझौता कर मुख्यमंत्री की छवि धूमिल करने का प्रयास किया, जो औंधे मुंह गिरा है। उन्होंने कहा कि भाजपा संगठन पूरी मुस्तैदी से सरकार के साथ खड़ा है। एक प्रश्न पर उन्होंने कहा कि कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत वरिष्ठ मंत्री हैं। वह किसी से नाराज नहीं हैं। उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड का कार्यकाल समाप्त होने के बाद बोर्ड का पुनर्गठन किया गया है। यह सामान्य प्रक्रिया है।
भाजपा नेता पूर्व दायित्वधारी एवं छात्रवृत्ति घोटाले में याचिकाकर्ता रविंद्र जुगरान ने इस घोटाले में कार्रवाई के मामले में सरकार की भूमिका पर सवाल उठाया है।जुगरान ने एक वक्तव्य में विधायक एवं भाजपा के मुख्य प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें कहा गया कि त्रिवेंद्र सरकार ने छात्रवृत्ति घोटाले में दर्जनों आरोपितों को जेल भिजवाया। जुगरान ने कहा कि छात्रवृत्ति घोटाले में शुरू से लेकर अब तक जो भी कार्रवाई हुई, वह उच्च न्यायालय के आदेश पर हुई।
इसमें सरकार का कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि एसआइटी का गठन भी न्यायालय के आदेश पर हुआ। उन्होंने कहा कि सरकार और सिस्टम ने तो छात्रवृत्ति घोटाले के बड़े मगरमच्छों को जेल जाने से बचाया है। उन्होंने कहा कि सरकार न्यायालय में घोटाले की सीबीआई जांच का विरोध कर रही है। अब सरकार को यह बताना चाहिए कि वह ऐसा क्यों कर रही है और इसका औचित्य क्या है।