रिपोर्ट: सत्यम दुबे
नई दिल्ली: कोरोना महामारी के दूसरे लहर का कहर लगातार जारी है। कोरोना से संक्रमित मरीज ऑक्सीजन और दवाईयों की कमीं से लगातार दम तोड़ रहें हैं। पिछल कुछ समय से दिन की शुरुआत होते ही, कुछ न कुछ मनहूस खबर सुनने को मिल रहा है। अस्पतालों मे बेड,दवाईयों और ऑक्सीजन की कमीं से हाहाकार मचा हुआ है। लोगो का मनोरंजन करा रहे आईपीएल पर भी कोरोना ग्रहण लग गया।
आपको बता दें कि सोमवार और मंगलवार को मैच होने से पहले तीन खिलाड़ी पॉजिटिव पाये गये थे, जिसके बाद स्थिति की गंभीरता को देखते हुए BCCI ने अग्रिम आदेश कर लीग को कैंसिल कर दिया है। इसके बाद अब विदेशी खिलाड़ियों खास कर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों को उनके देश पहुंचाने को लेकर बातें शुरू हो गई। ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने 15 मई तक भारत से जाने वाली उड़ान पर पाबंदी लगा दी है। बीसीसीआइ ने मालदीव के रास्ते सभी को स्वदेश पहुंचाने का इंतजाम किया।
आपको बता दें कि ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट एसोसिएशन ने खिलाड़ियों को आगे भविष्य में इस तरह से फैसले करने से पहले आगाह किया है। इस दौरान ग्रीनबर्ग ने कहा, “मैं इस बात को लेकर पक्का तो नहीं हूं कि भविष्य में इसको लेकर खिलाड़ी इसको लेकर मौन हो जाएंगे या नहीं, लेकिन इतना को पक्का है कि वो सभी अब अपने किसी भी करार को साइन करने से पहले यकीनन इसको लेकर सोच विचार जरूर करेंगे। ये पूरी दुनिया हमारी आंखों के सामने देखते ही देखते बदल गई खासकर कोविड को लेकर और दुनिया को उस कोने में तो खासकर जहां इतने सारे केस सामने आते जा रहा है।”
महामारी की गंभीरता ऑस्ट्रेलिया ने अपने बॉर्डर को 15 मई तक सील कर दिया है। यही कारण है कि भारत से उनके यहां उड़ान भरने वाली फ्लाइट पर भी पाबंदी लगी हुई है। कोरोना वायरल की वजह से पैदा हुई दूसरी लहर की वजह से यह फैसला लिया गया है। इसी वजह से भारत में कराया जा रहा इंडियन प्रीमियर लीग का 14वां सीजन भी बीच में ही स्थगित करने का फैसला लिया गया।
आस्ट्रेलियाई खिलाड़ी जोस हेजलवुड, मिशेल मार्श और जोस फिलिपे ने टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले ही अपना नाम वापस ले लिया था। वहीं एडम जंपा, केन रिचर्ड्सन और एंड्यू टाई ने टूर्नामेट के बीच में घर वापस लौटने का फैसला लिया। बाद में नाम वापस लेने वाले खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया सरकार द्वारा बॉर्डर सील किए जाने से पहले ही
उन्होने आगे कहा कि आप सभी यहां ऑस्ट्रेलिया में अपनी आजादी का मजा उठा सकते हैं। यह जगह पूरी तरह से अलग है। अब अगली बार से पहले सभी खिलाड़ियों को यह सबक मिल गया है कि इस तरह से किसी भी फैसले को लेने से पहले आपको अपना पूरा होमवर्क कर लेना होगा।”