भोपाल में आयोजित लोकतंत्र सेनानी सम्मान कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सेनानियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि आपातकाल के कठिन दौर में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने वालों का योगदान देश के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आपातकाल के दौरान लोकतंत्र को दबाने का प्रयास किया गया था। उन्होंने कहा कि उस समय संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक अधिकारों पर संकट खड़ा हुआ, लेकिन लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष ने देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखा।
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा और मजबूत लोकतंत्र है। उन्होंने लोकतांत्रिक परंपराओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि इन्हें सुरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने नई पीढ़ी को लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष और योगदान से प्रेरणा लेने का भी संदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों के कल्याण के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि उनके लिए विशेष ट्रेन के माध्यम से तीर्थ यात्रा की व्यवस्था की जाएगी। प्रदेश के रेस्ट हाउस में दो दिन तक नि:शुल्क ठहरने की सुविधा दी जाएगी। दिव्यांग लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान में सड़कों का नामकरण किया जाएगा। साथ ही उनके इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी और गंभीर परिस्थितियों में एयर एंबुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त सभी लोकतंत्र सेनानियों को सम्मान स्वरूप ताम्रपत्र प्रदान किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों का त्याग और संघर्ष देश की अमूल्य धरोहर है। सरकार का उद्देश्य उनके योगदान को सम्मान देना और आने वाली पीढ़ियों को लोकतंत्र की रक्षा के लिए किए गए उनके संघर्ष से अवगत कराना है।