नई दिल्ली : चीन के वुहान से निकले कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया को अपने चपेट में ले रखा है। जिसने न जानें कितने लोगों की जान लें ली। वहीं कितनों को बेरोजगार कर दिया। कोरोना के कारण देश की अधिकतर जनसंख्या दो जून की रोटी भी नहीं जुड़ा पा रही है। इसी बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को बताया कि कोरोना महामारी के बीच 100 करोड़ से अधिक आय रखने वालों की संख्या में कमी आई है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि 100 करोड़ रुपये या इससे अधिक की आमदनी दिखाने वाले व्यक्तियों की संख्या 2020-21 में 136 थी जबकि 2019-20 में ऐसे लोगों की संख्या 141 और 2018-19 में 77 थी।

उन्होंने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा में बताया कि विगत तीन आकलन वर्षों के दौरान आयकर विभाग में फाइल की गई आयकर विवरणी में 100 करोड़ रुपये (एक अरब रुपये) से अधिक की सकल कुल आय प्रकट करने वाले व्यक्तियों की संख्या 2020-21 में 136 थी।
उनसे सवाल किया गया था कि क्या यह सच है कि लॉकडाउन के दौरान देश में अरबपतियों की संख्या में वृद्धि देखी गई है। इसके जवाब में वित्त मंत्री ने कहा कि केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के पास उपलब्ध सूचना के अनुसार, प्रत्यक्ष करों के तहत अरबपति शब्द की कोई विधायी अथवा प्रशासनिक परिभाषा नहीं है।
गरीबी अनुमानों के अनुसार, वर्तमान तेंदुलकर समिति कार्यप्रणाली का अनुसरण करते हुए, भारत में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले व्यक्तियों की संख्या 2011-12 में 27 करोड़ अनुमानित थी। वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि आर्थिक सर्वे 2020-21 में तैयार बेयर नेसेसिटीज इंडेक्स के मुताबिक पीने का पानी, सैनिटेशन, हाइजीन जैसे कई मूलभूत जरूरतों के स्तर में 2012 के मुकाबले 2018 में काफी सुधार हुआ।