अखिलेश यादव बोले, सिंघू बॉर्डर पर हुई किसान की मौत, बेकार नहीं जाएगी शहादत
केंद्र सरकार के 3 नए कृषि कानूनों के खिलाफ 13 दिन से प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों का आज ‘भारत बंद’ है। पंजाब-हरियाणा समेत कई राज्यों से आए किसान दिल्ली से लगी सीमाओं पर धरने पर बैठे हैं। ऐसे ही किसानों के जत्थे में शामिल एक युवा किसान की आज जान चली गई।
वह सोनीपत जिले के गांव बरोदा के रहने वाले थे। उनकी पहचान 32 साल के अजय के तौर पर हुई। पुलिस का कहना है कि, उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है। हालांकि, कुछ लोगों ने बताया कि ठंड की वजह से उनकी जान गई।
बता दिया जाए कि, अजय समेत सैकड़ों किसान सिंघु बॉर्डर पर धरने में शामिल होने आए। एक वृद्ध किसान ने कहा कि, अजय 1 तारीख से धरने पर था। वह देर रात में खाना खाकर अपनी ट्राली के नीचे सोया, लेकिन सुबह जब उसके साथियों ने उसे उठाया तो वह नहीं उठ पाया।
इसकी सूचना किसान आंदोलन का साथ दे रहे स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को दी गई तो उन्होंने मौके पर जाकर जांच की। हालांकि, वह दम तोड़ चुका था। जिसके बाद पुलिस पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सोनीपत के अस्पताल में भिजवा दिया है।
दिल्ली के सिंघु बार्डर पर, किसान आंदोलन में सोनीपत के बरोदा के रहने वाले 32 वर्षीय ग़रीब किसान अजय की मृत्यु का समाचार स्तब्धकारी है। भावपूर्ण श्रद्धांजलि!
दिवंगत किसान की शहादत बेकार नहीं जाएगी।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) December 8, 2020
इसी बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट करके लिखा की दिल्ली के सिंघु बार्डर पर, किसान आंदोलन में सोनीपत के बरोदा के रहने वाले 32 वर्षीय ग़रीब किसान अजय की मृत्यु का समाचार स्तब्धकारी है, भावपूर्ण श्रद्धांजलि! दिवंगत किसान की शहादत बेकार नहीं जाएगी।