रिपोर्ट: सत्यम दुबे
नई दिल्ली: कोरोना महामारी के दूसरे लहर का कहर लगातार जारी है। कोरोना से संक्रमित मरीज ऑक्सीजन और दवाईयों की कमीं से लगातार दम तोड़ रहें हैं। महामारी के दूसरे लहर ने कई हंसते-खेलते परिवारों को तबाह कर दिया है। महामारी का असर क्रिकेट पर भी पड़ा है। हाल ही में देश में कोरोना के बढ़तो प्रकोप को देखते हुए आईपीएल लीग को बीच में ही सस्पेंड कर दिया गया था। तो वहीं अब एशिया कप पर भी संकट मंडराने लगा है।
आपको बता दें कि एशिया कप का मेजबानी करने वाला श्रीलंका के क्रिकेट बोर्ड (SLA) ने बुधवार को औपचारिक घोषणा कर दी है कि इस साल नहीं हो सकेगा टुर्नामेंट का आयोजन। वहीं बीसीसीआई ने इसपर अभी कोई औपचारिक बयान नहीं दिया है। भारत और पाकिस्तान के व्यस्त कार्यक्रम को देखते हुए इस साल एशिया कप का आयोजन पहले ही मुश्किल नजर आ रहा था।
भारतीय टीम जून में इंग्लैंड में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेलने इंग्लैंड के दौर् पर रवाना होगी। इसके बाद जुलाई में भारत की ही एक अलग टीम श्रीलंका का दौरान कर वहां टी20 और वनडे मैचों की सीरीज खेलेगी। इसके बाद विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम दो अगस्त से इंग्लैंड में मेजबान टीम के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेलेगी।
एशिया कप का आयोजन आखिरी बार साल 2018 में हुआ था। श्रीलंका क्रिकेट (SLA) के सीईओ एश्ले डिसिल्वा ने कहा ,‘‘ मौजूदा हालात के मद्देनजर जून में यह टूर्नामेंट नहीं हो सकेगा। टूर्नामेंट पाकिस्तान में होना था लेकिन भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक तनाव के कारण भारतीय टीम का जाना संभव नहीं था लिहाजा इसे श्रीलंका में कराने का फैसला लिया गया।’’
अब यह टूर्नामेंट 2023 वनडे विश्व कप के बाद ही संभव हो सकेगा। बीसीसीआई सचिव जय शाह की अध्यक्षता वाली एशियाई क्रिकेट परिषद ने अभी औपचारिक घोषणा नहीं की है।