मुंबई : पोर्नोग्राफी मामले में राज कुंद्रा की गिरफ्तारी के बाद देश में पॉर्न फिल्मों के गंदे खेल को लेकर कई खुलासे हुए हैं। कई मॉडल्स और एक्ट्रेसेज ने पुलिस से लेकर सोशल मीडिया तक के जरिए इस ‘डर्टी पिक्चर’ के कारोबार के भेद खोले हैं। लेकिन एक्ट्रेस श्रुति गेरा (Shruti Gera) ने इस ओर कुछ खुलासे किये है, जिससे बॉलिवुड की नींद भी हराम हो सकती है। श्रुति गेरा का कहना है कि इंडस्ट्री में नई ऐक्ट्रेसेज को ड्रग्स देकर पहले न्यूड वीडियो (Nude Videos) शूट किए जाते हैं और फिर उन्हें पॉर्न फिल्मों में काम करने के लिए मजबूर (Drugging and Blackmailing) किया जाता है।

आपको बता दें कि यह बात पहले ही सामने आ चुकी है कि राज कुंद्रा की कंपनी मॉडल्स और एक्ट्रेसेज से वेब शो का कॉन्ट्रैक्ट साइन करवाती थी, जबकि बाद में उन पर अश्लीलता की हद पार करने का दबाव बनाया जाता है। कुछ एक्ट्रेसेज ने तो यहां तक आरोप लगाया है कि राज की कंपनी लोगों ने उनसे ‘न्यूड ऑडिशन क्लिप’ मांगे थे।

‘राज कुंद्रा के शो के लिए मिला था ऑफर’
‘हिंदुस्तान टाइम्स’ से बातचीत में श्रुति गेरा कहती हैं कि साल 2018 में उन्हें भी राज कुंद्रा की कंपनी की ओर से एक वेब सीरीज में काम करने का ऑफर आया था। एक कास्टिंग डायरेक्टर ने उन्हें अप्रोच किया था। वह कहती हैं, ‘मुझे यह ठीक से याद नहीं है कि किस कास्टिंग डायरेक्टर ने ऐसा किया था, लेकिन कई लोग मुझसे ऐसा कह चुके हैं। एक ने मुझसे कहा था कि वह मुझे राज कुंद्रा से मिलवाएंगे। एक ने कहा कि राज अपना प्रोडक्शन हाउस शुरू कर रहे हैं और वेब शोज की दुनिया में बड़ा काम करने जा रहे हैं।’

‘शुक्रगुजार हूं, मैंने खुद को बचा लिया’
श्रुति आगे कहती हैं, ‘हालांकि, मैंने तत्काल इन ऑफर्स को ठुकरा दिया था। लेकिन मैं ईश्वर का शुक्रिया अदा करना चाहती हूं कि मैंने खुद को बचा लिया। हम सब यह मानकर चल रहे थे कि वह कोई बड़े और होनहार इंसान हैं, लेकिन अब पता चल रहा है कि वह पॉर्न फिल्में बनाते थे।’
कास्टिंग डायरेक्टर्स करते हैं अप्रोच
श्रुति गेरा का कहना है कि पॉर्न फिल्मों के लिए नए एक्टर्स और मॉडल्स को दोष देना सही नहीं है। वह कहती हैं, ‘आप कल्पना कीजिए कि मेरी जैसी कोई एक्ट्रेस जिसने सैकड़ों टीवी विज्ञापनों में बड़े-बड़े ब्रैंड्स के साथ काम किया है। इसी बीच एक कास्टिंग डायरेक्टर मुझे ऐसे काम के लिए अप्रोच करता है। जब यह खबर आई तो मुझे ऐसा लगा जैसे किसी ने मेरे पेट में जोर से मुक्का मारा है। भला कोई ऐसा कैसे सोच सकता है कि मैं ऐसा कोई काम करूंगी।’

‘ड्रग्स देकर बनाते हैं न्यूड वीडियोज’
श्रुति कहती हैं, ‘मैंने यह महसूस किया है कि इस इंडस्ट्री में बहुत कुछ हो रहा है। न्यूकमर एक्ट्रेसेज को ड्रग्स दिया जाता है, उनके आपत्तिजनक वीडियोज शूट किए जाते हैं और फिर उन्हें ब्लैकमेल कर ऐसी फिल्मों में काम करवाया जाता है। यह बहुत ही कॉमन है। यहां तक कि न्यूकमर एक्टर्स के साथ भी ऐसा किया जाता है।’
‘एक्टर्स को किया जाता है हनी ट्रैप’
श्रुति बताती हैं कि इस इंडस्ट्री में भी हनी ट्रैप किया जाता है। जब उन्होंने ऐसे ही कुछ प्रोजेक्ट्स को इनकार किया, तब बाद में उन्हें पता चला कि मेकर्स की नीयत अच्छी नहीं थी। श्रुति कहती हैं, ‘यह करना हर बार आसान नहीं होता है। ऐसे लोग आपके कमरे में कैमरा लगा लेते हैं। आपकी आपत्तिजनक वीडियोज निकालते हैं और फिर ब्लैकमेल करते हैं।’

‘बॉलिवुड की कास्टिंग में शोषण का खतरा’
श्रुति गेरा बॉलिवुड फिल्मों की कास्टिंग की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाती हैं। वह कहती हैं, ‘फिल्म के लीड एक्टर्स का शायद ही कभी ऑडिशन होता है। जबकि नए कलाकारों के लिए ऐसा नहीं है। यहां तक कि बड़े बैनर की फिल्मों के लिए भी पहले से लीड एक्टर्स फाइनल होते हैं। ऐसे में सिर्फ उन एक्टर्स की तलाश होती है, जो फिल्मों के फिलर के तौर पर काम करते हैं। चीजें धीरे-धीरे बदल रही हैं, लेकिन फिल्मों की कास्टिंग की मीटिंग्स, इसके लिए सोशलाइजिंग, यह सब ग्रे एरिया है। यह न्यूकमर एक्टर्स के शोषण होने के खतरे को बढ़ाता है फिर चाहे वह लड़का हो या लड़की।’
आपको बता दें कि साल 2009 में श्रुति गेरा ‘टॉस: ए फ्लिप ऑफ डेस्टनी’ फिल्म में नजर आ चुकी हैं। उन्होंने 2018 में एक्टिंग से थोड़ी बनाई और अपनी खुद की एक स्क्रीनकेयर कंपनी की शुरुआत की।