केदारनाथ त्रासदी की 7वीं बरसी पर आपदा में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं व पुलिस कार्मिकों के लिए केदारनाथ धाम में तीर्थपुरोहितों व पुलिस ने श्रद्धाजंलि अर्पित की।
16 जून 2013 की रात्रि में भीषण आपदा आने से केदारनाथ धाम में 14 पुलिस कर्मियों के साथ ही 4700 भक्तों की जान चली गई थी।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा में दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की।
उन्होंने कहा कि सात साल पहले केदारनाथ में भीषण आपदा आई थी, जिसमें कई श्रद्धालुओं ने अपने प्राण गंवाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण किया जा रहा है।
2013 में आई आपदा ने खीरों घाटियों में भारी नुकसान पहुंचाया था. केदारनाथ के पिछले भाग से जल प्रलय का जो सैलाब आया था।
उसकी तबाही इतनी खतरनाक थी कि जल प्रलय का मलबा चोराबाड़ी से आधा केदारनाथ धाम को अपनी चपेट में ले गया और आधा हिस्सा खीरों घाटी से होकर लामबगड़, बेना कुली , पांडुकेश्वर और गोविंद घाट पहुंचा. जिसमें सैकड़ों मकान जमींदोज हो गए।
और लाखों एखड़ फसलें बर्बाद हो गई. लोग भूमिहीन हो गए. होटल, दुकान, गुरुद्वारा,पार्किंग सब आपदा की भेंट चढ़ गए।