रिपोर्ट: नंदनी तोदी
अमेठी: केंद्र के कृषि कानून को लेकर देश भर में विरोध प्रदर्शन जारी है। इतना ही नहीं इस क़ानून के बाद एक नया सियासी मोड़ आ गया है। 26 जनवरी को किसानों द्वारा हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद प्रियंका गाँधी अब सामने आईं हैं। दरअसल, गुरुवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी रामपुर में किसान नवरीत सिंह के परिवार से मुलाकात की जिनकी 26 जनवरी को दिल्ली में हिंसक प्रदर्शन के दौरान ट्रैक्टर पलटने से मौत हो गई थी।
जब प्रियंका अपने काफिले के साथ रामपुर के लिए निकलीं तो कई गाड़ियां हापुड़ और अमरोहा गजरौला में आपस में टकरा गईं। इस दौरान प्रियंका गांधी खुद अपनी कार का शीशा साफ करती दिखीं।
इसी पर उत्तर प्रदेश सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहसिन रजा ने प्रियंका गाँधी पर अपना तंज कसा और कहा। “कांग्रेस के नेताओं को बजाए शीशे के अपना मुंह साफ कर लेना चाहिए।”
इतना ही नहीं उन्होंने प्रियंका के रामपुर दौरे पर बी निशाना साधा है और कहा, ” कि 60 सालों तक कांग्रेस ने किसानों को कर्जदार बनाया। उनका शोषण किया। किसी ने आवाज उठाई तो उसे जेल भेजा गया। किसान आत्महत्या करने को मजबूर हुए। कांग्रेस किस मुंह से बात कर रही और क्यों घड़ियाली आंसू बहाने के लिए जा रही है? हमारी सारी संवेदना किसान भाइयों के साथ है।”
आपको बता दें, प्रियंका गाँधी ने अपने रामपुर दौरे पर साफ़ कह दिया कि यह आंदोलन तब तक वापस नहीं होगा जब तक सरकार काले कानून को वापस नहीं लेती है।