केंद्र सरकार के बाद अब उत्तर प्रदेश योगी सरकार ने भी अपने कर्मचारियों को दिवाली बोनस देने की घोषणा कर दी हैं।
इसके साथ ही सरकार ने यह भी कहा कि बोनस का 25 फीसदी हिस्सा कर्मचारियों को तुरंत मिलेगा। वहीं बाकी का 75 फीसदी हिस्सा प्रोविडेंट फंड में जुड़ेगा।
हालांकि, इससे सरकारी खजाने पर 1022 करोड़ रुपए का भार पड़ेगा। सरकार की इस घोषणा से प्रदेश के 15 लाख सरकारी कर्मचारियों को फायदा मिलेगा।
सरकार की तरफ से जारी प्रेस नोट के मुताबिक, जो कर्मचारी भविष्य निधि खाते के सदस्य नहीं है, उनकी बोनस की रकम एनएससी के रूप में दी जाएगी।
सूबे की योगी सरकार ने बोनस का 25 प्रतिशत हिस्सा तुरंत नगद देने के लिए कहा है जबकि बाकी 75 प्रतिशत हिस्सा पीएफ से जोड़ने के लिए कहा हैं। इस संबंध में योगी सरकार ने वित्त विभाग को निर्देश भी दिए हैं। सरकार के इस फैसले से 15 लाख राज्य कर्मचारी लाभान्वित होंगे। दीपावली से पहले सरकार के इस फ़ैसले से सरकारी खज़ाने पर 1022.75 करोड़ का अतिरिक्त भार पड़ेगा।
सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि, बोनस के रूप में मासिक परिलब्धियों की अधिकतम सीमा सात हजार रुपये होगी। इसके अलावा एक महीने में औसत दिनों की संख्या 30.4 दिन रखी गई हैं। इस लिहाज से एक कर्मचारी को अधिकतम 6908 रुपये बोनस के रूप में मिलेगा।
इसमें 25 फीसदी राशि नकद भुगतान की जाएगी और बची हुई 75 फीसदी राशी पीएफ खाते में जोड़ दी जाएगी। सरकार की तरफ से कहा गया है कि जिन कर्मचारियों के भविष्य निधि खाते यानी पीएफ अकाउंट नहीं हैं उन्हें यह पैसे एनएससी के रूप में दी जाएगी।
उधर योगी सरकार ने किसानों के लिए भी बड़ा एलान किया हैं। किसानों के लिए मंडी शुल्क 2 प्रतिशत से घटाकर 1 प्रतिशत कर दिया गया हैं। सरकार के इस फ़ैसले से लाखों किसानो को फायदा होगा. किसानों को अपना अनाज, फल , सब्ज़ी बेचने पर ज्यादा मुनाफा मिलेगा।