मध्य प्रदेश के बड़वानी जिला अस्पताल में इन दिनों अव्यवस्था की गंभीर स्थिति सामने आ रही है। अस्पताल परिसर में प्रतिदिन निकलने वाला कचरा अब ढेर के रूप में जमा होने लगा है, जिससे ट्रामा सेंटर के पास स्थित ऑक्सीजन प्लांट के सामने मिनी ट्रेंचिंग ग्राउंड जैसी स्थिति बन गई है। यह स्थिति न केवल स्वच्छता के लिहाज से चिंताजनक है, बल्कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी बड़ा खतरा बनती जा रही है।
अस्पताल की विभिन्न यूनिटों-जिला अस्पताल, महिला अस्पताल और टीबी वार्ड-से रोजाना 1 से 2 ट्रॉली सामान्य कचरा निकलता है। बायो मेडिकल वेस्ट का तो अलग निपटान किया जा रहा है, लेकिन सामान्य कचरे को ट्रामा सेंटर के पास एकत्रित किया जा रहा है। पहले नगर पालिका द्वारा यहां कचरा ट्रॉली रखी जाती थी, जिसे नियमित रूप से ट्रेंचिंग ग्राउंड में खाली किया जाता था।
हालांकि पिछले कुछ दिनों से नगर पालिका ने कचरा ट्रॉली हटा ली है और नियमित कचरा उठाव भी बंद कर दिया है। इससे अस्पताल परिसर में कचरे का अंबार लग गया है। गर्मी के मौसम में यह कचरा आग पकड़ सकता है, जिससे पास स्थित ऑक्सीजन प्लांट को भारी नुकसान होने का खतरा है।
गौरतलब है कि पहले भी यहां कचरे में आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। साथ ही कचरे के पास पुराने कबाड़ एम्बुलेंस वाहनों का ढेर भी पड़ा है, जिससे आग लगने की स्थिति और अधिक भयावह हो सकती है। यह स्थिति प्रशासन की लापरवाही को दर्शाती है और तत्काल समाधान की मांग कर रही है।