मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ में योगगुरु स्वामी रामदेव के साथ योगाभ्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने योग को शारीरिक, मानसिक और आत्मिक संतुलन का सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो स्वस्थ जीवन का मार्ग प्रशस्त करता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पतंजलि के कन्या गुरुकुल का भी अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि गुरुकुल में संस्कार, साधना और आत्मबल से परिपूर्ण वातावरण ने मन को अपार शांति प्रदान की। यहां शिक्षा के साथ योग, ध्यान और नैतिक मूल्यों का समन्वय बालिकाओं के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि PM नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में योग आज भारत की प्राचीन परंपरा से निकलकर वैश्विक जन-आंदोलन बन चुका है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के माध्यम से पूरी दुनिया ने योग के महत्व को स्वीकार किया है और इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाया है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों सहित सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाएं। उन्होंने कहा कि नियमित योग अभ्यास न केवल रोगों से बचाव करता है, बल्कि मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आत्मबल को भी मजबूत करता है।