तीन महीने के अंतराल पर रक्तदान कर सकते हैं।
रक्तदान से हुई खून की कमी 24 घंटे में पूरी हो जाती है।
हर साल पूरी दुनिया में 14 जून को ब्लड डोनर डे मनाया जाता है। जो रक्त दान करता है उसे ब्लड डोनर कहा जाता है। आज पूरी दुनिया में महामारी फैल रही है आए दिन लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। कोरोना वायरस महामारी के खतरे के कारण दुनियाभर में लोगों की जानें जा रही है। लोग बीमार हो रहे हैं, कई लोगों को खून की जरूरत महसूस हो रही है जिसके लिए लोग ब्लड डोनेट भी करते हैं।
यही कारण है कि दुनियाभर में ब्लड डोनेट करने के लोगों को मोटिवेट किया जाता है इसके लिए समय-समय पर ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन किया जाता है जहां लोगों को ब्लड डोनेट करने के लिए जागरुक किया जाता है। इसके लिए उन्हें किसी तरह का कोई पैसा भुगतान नहीं करना पड़ता है बदले में सरकार ही उन्हें स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाएं देती है।
इसके लिए हर देश में ब्लड बैंक बनाया गया है। कई अस्पतालों में भी ब्लड बैंक की सुविधा होती है जहां से मरीजों को जरूरत पड़ने पर खून उपलब्ध कराया जाता है। कम और मद्धम आय वाले देश आज भी सुरक्षित ब्लड स्टोरेज को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।
वैसे लोगों का शुक्रिया करें जो खुद से आगे बढ़कर ब्लड डोनेट करते हैं और दूसरों को ऐसा करने के लिए अवेयर करते हैं।
सेफ ब्लड उपलब्ध कराने के लिए लोगों को जागरुक किया जाता है। जब कभी भी किसी मरीज को ब्लड की जरूरत पड़े तो उसे सुरक्षित ब्लड उपलब्ध कराया जाए।