कई बार घर या बाहर किसी जगह जूते उतारने की स्थिति बनती है, लेकिन कुछ लोगों के लिए यह पल शर्मिंदगी का कारण बन जाता है। वजह होती है पैरों या जूतों से आने वाली तेज बदबू। जिन लोगों के पैरों में अधिक पसीना आता है, उन्हें अक्सर इस समस्या का सामना करना पड़ता है। बंद जूते और मोज़ों के कारण नमी बनी रहती है, जिससे बदबू और भी बढ़ जाती है।
पैरों में शरीर के अन्य हिस्सों की तुलना में सबसे अधिक पसीने की ग्रंथियां होती हैं। पसीना अपने आप में बदबूदार नहीं होता, क्योंकि यह पानी, नमक और थोड़े से प्रोटीन से बना होता है। असली समस्या तब शुरू होती है, जब बैक्टीरिया पसीने, मृत त्वचा कोशिकाओं और तेल को तोड़ते हैं। इस प्रक्रिया के दौरान जो अपशिष्ट पदार्थ बनते हैं, वही तेज दुर्गंध का कारण बनते हैं। बंद जूते, गर्म मोज़े और हवा की कमी बैक्टीरिया को तेजी से पनपने का मौका देते हैं।
कुछ लोगों के पैरों से बदबू ज्यादा आने के पीछे कई वजहें हो सकती हैं। ज्यादा पसीना आना, रोज एक ही जूते पहनना, सिंथेटिक मोज़ों का इस्तेमाल, फंगल इंफेक्शन या डेड स्किन की अधिकता इसकी प्रमुख वजहें हैं। इसके अलावा डायबिटीज, हार्मोनल बदलाव और तनाव भी इस समस्या को बढ़ा सकते हैं।
पैरों और जूतों की बदबू से राहत पाने के लिए टी बैग एक असरदार घरेलू उपाय माना जाता है। चाय में मौजूद टैनिन एक प्राकृतिक एंटी-बैक्टीरियल तत्व होता है, जो बदबू पैदा करने वाले बैक्टीरिया की ग्रोथ को कम करता है और नमी को भी सोख लेता है। इससे जूतों की बदबू काफी हद तक कम हो जाती है।
सबसे पहले दो टी बैग पानी में उबाल लें और फिर उन्हें ठंडा होने दें। इसके बाद बदबूदार जूतों के अंदर इन टी बैग्स को रखें और करीब 2 से 3 घंटे के लिए छोड़ दें। अगर बदबू ज्यादा है, तो टी बैग्स को रातभर जूतों में छोड़ा जा सकता है। बाद में जूतों को धूप में रखने से भी फायदा मिलता है, क्योंकि धूप की किरणें बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करती हैं।
पैरों की बदबू से बचने के लिए रोज जूते बदलना, कॉटन मोज़े पहनना और उन्हें रोज साफ करना जरूरी है। नहाने के बाद पैरों को अच्छी तरह सुखाना, खासकर उंगलियों के बीच, भी बेहद जरूरी होता है। हफ्ते में दो से तीन बार टी बैग वाला उपाय अपनाने से फर्क साफ नजर आने लगता है।
पैरों की बदबू भले ही एक आम समस्या हो, लेकिन सही जानकारी और घरेलू उपायों से इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। टी बैग जैसा आसान नुस्खा न केवल किफायती है, बल्कि नियमित इस्तेमाल से राहत भी देता है। थोड़ी सी सावधानी और साफ-सफाई अपनाकर इस शर्मिंदगी से बचा जा सकता है।
यह खबर समान्य जानकारी के आधार पर लिखी गई है; किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर डॉक्टर से संपर्क करें…