पूर्वी लद्दाख में गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प मामले में कांग्रेस पार्टी और केंद्र सरकार आमने-सामने आ गई है।
20 भारतीय सैनिकों की शहादत के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक वीडियों जारी कर केंद्र सरकारी से सलाव पूछा कि चीन ने हमारे निहत्थे जवानों पर हमला करने की हिम्मत कैसे की? राहुल ने ये भी पूछा कि हमारे जवानों को हथियारों के बिना शहादत के लिए क्यों भेजा गया?
राहुल गांधी के इन सवालों को विदेश मंत्री डाॅ. एस जयशंकर ने जवाब दिया है। विदेश मंत्री ने ट्वीट कर कहा, आइए हम तथ्यों का समझते है। सीमा पर सभी सैनिक हमेशा हथियार है, खासकर जब पोस्ट छोड़ते है। 15 जून को भी गलवान में सैनिकों ने ऐसा ही किया। लंबे समय से चली आ रही प्रथा है कि (1996 और 2005 के समझौते के अनुसार) फेसआॅफ के दौरान आग्नेयास्त्रों का उपयोग नहीं करना है।