दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण, ठंड और कोरोना के दैनिक मामले को देखते हुए दिल्ली सरकार ने पटखों की बिक्री पर रोक लगा दी है। जिसके बाद अब वरिष्ठ भाजपा नेता विजय गोयल ने बुधवार को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में एक ज्ञापन सौंपकर उससे दिल्ली सरकार को उन व्यापारियों के नुकसान की भरपाई करने की अपील की, जिन्हें शहर में पटाखों पर पाबंदी के चलते घाटा उठाना पड़ा है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार को पटाखों पर पाबंदी लगाने का निर्णय बहुत पहले लेना चाहिए था। दिल्ली में कोरोना काल की स्थिति की समीक्षा के लिए हुई बैठक के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 5 नवंबर को शहर में पटाखों पर पाबंदी की घोषणा की थी। पूर्ण पाबंदी 30 नवंबर तक रहेगी, इसके तहत हरित पटाखों समेत सभी तरह के पटाखों की बिक्री, खरीद और उपयोग पर रोक रहगी।
गोयल ने कहा, ‘‘ दिल्ली सराकर ने पटाखे बेचने के लिए लाईसेंस जारी किये थे। उसके पर्यावरण मंत्री ने कहा था कि हरित पटाखों की अनुमति होगी और फिर सरकार ने पटाखों पर प्रतिबंध लगा दिया। एनजीटी को दिल्ली सरकार को (उन व्यापारियों को) भरपाई करने का निर्देश देना चाहिए जिन्होंने त्योहार के दौरान बिक्री के लिए पटाखों का भंडारण किया था।’’
एनजीटी महापंजीयक आशु गर्ग को सौंपे ज्ञापन में भाजपा नेता ने दिल्ली में प्रदूषण कम करने के कई उपाय भी सुझाए हैं। रविवार को गोयल ने इस विषय पर जंतर मंतर पर धरना दिया था।
आप को बता दे की दिल्ली में कोरोना वायरस फिर खतरनाक होते जा रहा है। पिछले 24 घंटे में कोरोना के 8593 नए मामले दर्ज किए गए हैं, जो एक दिन में अब तक का सबसे अधिक केस है। इस खतरनाक महामारी से 85 लोगों की मौत हुई है, जबकि 7264 मरीज ठीक हुए है। इससे पहले सोमवार को 7830 केस सामने आए थे।