रिपोर्ट : नंदनी तोदी
औरैया: सरकार का उद्देश्य न केवल भारत या राज्य चलाना है, बल्कि बच्चों की शिक्षा पर अपना ध्यान केंद्रित करना भी है। हालाँकि स्कूलों कि स्थिति को अक्सर नकार दिया जाता है। ऐसा ही कुछ उत्तरप्रदेश के औरैया के एक स्कूल में देखने को मिला है।
सरकार बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए प्रयास ज़रूर कर रहीं हैं तो वहीं स्कूलों में सरकार के उद्देश्य पर बच्चों से मजदूरी कराकर सरकार के प्रयासों पर पानी फेरा जा रहा है। ऐसा ही एक वीडियों सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
दरअसल शुक्रवार को सोशल मीडिया पर प्राइमरी के बच्चों से मजदूरी कराने का एक वीडियो वायरल हुआ है। इसमें प्राइमरी स्कूल के बच्चों द्वारा बीआरसी बिधूना से एनपीआरसी के लिए जूतों को उतारने का काम कराया जा रहा है। छोटे-छोटे बच्चे जूतों से भरे गत्ते लोडर से उतारकर एनपीआरसी के अंदर ले जाते दिखाई दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो से शिक्षा विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
जैसे ही ये वीडियो वायरल हुआ, वैसे ही, इस वीडियो के संबंध में शिक्षक अमर सिंह और धरवेंद्र से बातचीत की गई। शिक्षकों ने बातचीत में बताया कि बच्चे होमवर्क लेने स्कूल आए थे। ये जूते बच्चों में ही बांटे जायेंगे। जूते मिलने पर उत्साहित बच्चों ने खुद ही जूते उतारने शुरू कर दिए। वहीं, संकुल प्रभारी राजनारायण ने कहा कि उन्हें इस मामले में कोई जानकारी नहीं है।