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पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस महासचिव हरीश रावत और कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के बीच दीपावली के मौके पर जुबानी जंग हुई तेज

By: RNI Hindi Desk 
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पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस महासचिव हरीश रावत और कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के बीच दीपावली के मौके पर जुबानी जंग हुई तेज

देहरादून: हरीश रावत ने हरक के भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पद के कार्यकाल की जांच की मांग उठा दी। वहीं, हरक सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि मजदूरों के हित में पैसा खर्च करना उपलब्धि होता है, जमा करना नहीं। इस लिहाज से हरीश रावत अपना कार्यकाल देख लें।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के बीच छत्तीस का आंकड़ा रहा है। हरीश रावत अपनी सरकार को अस्थिर करने के लिए हरक सिंह रावत को खुलकर निशाने पर लेते रहे हैं। हरक सिंह रावत पिछली हरीश रावत सरकार में भी कैबिनेट मंत्री थे। मौजूदा सरकार ने हरक सिंह को कर्मकार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पद से हटा दिया।

बोर्ड में तैनात उनके चहेते अधिकारियों के साथ ही आउट सोर्सिंग के जरिये रखे गए 38 कर्मचारियों को भी हटाया गया है। इस तनातनी पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत वर्तमान सरकार की कार्यवाही का समर्थन करते तो दिखे ही, उन्होंने बोर्ड अध्यक्ष के रूप में हरक सिंह के कार्यकाल की जांच की मांग भी कर डाली। इससे खफा हरक सिंह रावत ने कहा कि वह हरीश रावत की बात पर ध्यान नहीं देते।

बोर्ड में किसी तरह के घपले से इनकार करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि हरीश रावत एक ही बार में दो बार विधानसभा सीटों से चुनाव हारने की वजह से निराश हैं। उन्होंने कहा कि हरीश रावत जब भी चुनाव जीते, लहर में ही जीते। वर्ष 2009 में हरीश रावत जब हरिद्वार से लोकसभा चुनाव जीते तो तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष के रूप में उन्होंने और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप यशपाल आर्य ने लहर बनाने का काम किया था।

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