न्यायिक सेवा के लिए होने वाली लोक सेवा आयोग की पीसीएस जे परीक्षा हो या प्रशासनिक सेवा की राज्य की सबसे बड़ी पीसीएस परीक्षा, बेटियां लगातार अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। पीसीएस 2018 में चयनित 976 अभ्यर्थियों में एक चौथाई से अधिक 258 पदों पर महिलाओं का चयन हुआ है। इनमें 234 यूपी की रहने वाली हैं।
दूसरे प्रांत की 24 महिला अभ्यर्थियों का चयन पीसीएस 2018 में विभिन्न पदों के लिए हुआ है। कुल चयनित पदों में इनकी भागीदारी 26 प्रतिशत से अधिक है। 119 एसडीएम में 41 तो 94 डिप्टी एसपी में 18 महिलाएं चयनित हुईं र्हैं। पीसीएस की पिछली यानी 2017 की भर्ती में भी लगभग इतने प्रतिशत पद महिलाओं को मिले थे। जो पीसीएस की पिछली पांच भर्तियों की तुलना में सर्वाधिक थे। पीसीएस 2013 में 654 पदों पर चयन हुआ था। इनमें 122 यानी 19 प्रतिशत बेटियां थीं। वहीं पीसीएस 2014 में चयनित हुए कुल 579 अफसरों में 114 यानी 20 प्रतिशत बेटियां थीं तो पीसीएस 2015 में चयनित 530 अफसरों में 100 यानी 19 प्रतिशत बेटियां थीं। पिछले वर्ष 22 फरवरी को घोषित पीसीएस 2016 के परिणाम में 22 प्रतिशत बेटियों ने बाजी मारी थी।
12 पदों पर नहीं हो सका चयन
मुख्य परीक्षा के लिए सफल 2669 अभ्यर्थियों का इंटरव्यू 15 जुलाई से 25 अगस्त के बीच आयोजित किया गया था। इंटरव्यू में 68 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। सचिव जगदीश ने बताया कि योग्य अभ्यर्थी न मिलने के कारण सूचना अधिकारी/जिला सूचना अधिकारी के 12 पदों पर चयन नहीं हो सका है। उन्होंने बताया कि प्राप्तांक और श्रेणीवार कटऑफ अंक बहुत जल्द आयोग की वेबसाइट पर जारी कर दिए जाएंगे इसलिए इस बारे में सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मिलने वाले आवेदन पत्रों पर विचार नहीं किया जाएगा। 30 मार्च 2019 को प्री का परिणाम घोषित किया गया था।
पदों की संख्या: 988 (12 पद रिक्त)
प्री परीक्षा: 28 अक्तूबर 2018
कुल आवेदक : 6,35,844
परीक्षा में शामिल हुए : 3,98,630
प्री का परिणाम : 30 मार्च 2019
मुख्य परीक्षा के लिए सफल : 19,096
मुख्य परीक्षा : 18 से 22 अक्टूबर 2019
मुख्य परीक्षा का परिणाम : 23 जून 2020
इंटरव्यू :15 जुलाई से 25 अगस्त 2020
अंतिम परिणाम: 11 सितंबर 2020
परीक्षा वर्ष कुल चयन चयनित बेटियां
2013 654 122
2014 579 114
2015 530 100
2016 630 138
2017 676 181
2018 976 258
एक वर्ष बाद फिर महिला टॉपर
प्रयागराज। पीसीएस की दस परीक्षा के बाद 2016 में बेटी ने टॉप किया था। 2005 में इंदू प्रभा सिंह के बाद 2016 में कानपुर की जयजीत कौर होरा पीसीएस की टॉपर बनी थीं। 2017 के बाद अब 2018 न केवल फिर महिला ने टॉप किया बल्कि टॉप-थ्री में इन्हीं का दबदबा है। बता दें कि सिविल जज जूनियर डिविजन के पदों पर चयन के लिए होने वाली आयोग की पीसीएस जे 2018 भर्ती में आधे से अधिक पदों पर बेटियों का चयन हुआ था। कुल 610 पदों में से 315 पर बेटियां चयनित हुई थीं। पीसीएस जे 2018 की टॉपर भी बेटी थी। टॉप-10 चयनितों में पांच बेटियां शामिल थीं।