लखनऊ-बाराबंकी सीमा पर अटैची व ट्रॉली बैग में टुकड़ों में मिले महिला के शव की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली। पता चला कि महिला की हत्या उसके पति ने इंदिरानगर के सेक्टर-14 स्थित मकान में की थी। फिर शव के टुकड़े करके ट्रॉली बैग में भरकर फेंक दिया था। रविवार को नगर कोतवाली पुलिस ने हत्यारोपी पति को गिरफ्तार लिया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल कार, चाकू, चापड़ बरामद किया है।
बिजली बिल ने पहुंचाया हत्यारे तक: एसपी बाराबंकी डॉ. अरविंद चतुर्वेदी ने बताया कि 7 जुलाई की रात को लखनऊ-अयोध्या हाइवे के किनारे महिला के शव के टुकड़े मिले थे। बैग में रखे पैंट की जेब से जनेश्वर मिश्र पार्क की तीन टिकटें बरामद हुईं थी। और एक पुराना बिजली का बिल मिला। इसमें मीटर नंबर का उल्लेख था, जिसके सम्बंध में बिजली विभाग से सूचना मांगी गई। वहां से जानकारी मिली कि यह बिल इंदिरानगर में सेक्टर-14 के चेतन विहार निवासी रिजवाना के नाम है।
पुलिस ने रिजवाना से संपर्क किया तो पता चला कि उन्होंने यह मकान बलरामपुर के महाराजगंज थानाक्षेत्र निवासी समीर खान को बेच दिया है। उसे रविवार को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई तो उसने गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि आयशा से उसने मुंबई में कोर्ट मैरिज की थी। लॉकडाउन में वह घर लौट आया। वह जब भी आयशा को फोन करता तो उसका फोन व्यस्त रहता। इससे उसके मन में पत्नी के प्रति शक पैदा हो गया। इस पर उसने आयशा को लखनऊ बुला लिया। पांच जुलाई को विवाद के बाद उसकी हत्या कर दी।
मुंबई में किया था प्रेम विवाह
समीर ने बताया कि वर्ष 2005 में वह मुंबई चला गया। वहां चिकन शॉप पर काम करता था। इस दौरान उसकी मुलाकात मुंबई के भारत नगर निवासी मालन बादशाह शेख उर्फ आयशा से हुई। आयशा बॉम्बे यूनिवर्सिटी से बीबीए पास आउट थी। नजदीकि बढ़ने पर उसने आयशा से कोर्ट मैरिज कर ली।