कोरोना के कारण किसान इस वर्ष मंदी की मार से जूझ रहा है।खेती में बढ़ते खर्च ने किसान की आमदनी को कम कर दिया है लेकिन जनपद सहारनपुर की गंगोह विधानसभा के गांव डूभर किशनपुर के एक जागरूक किसान चेतन सिंह ने मंदी के इस दौर में भी लाखों रुपए कमा लिए हैं।किसान चेतन सिंह ने कुछ वर्ष पहले अपनी 1 एकड़ जमीन में अमरूद का बाग लगाया था।पिछले 2 वर्षों से इस बाग में अमरूद की फसल शुरू हो चुकी है।किसान चेतन सिंह का कहना है कि वह इस वर्ष अपनी अमरूद की फसल से दो से ढाई लाख रुपए का मुनाफा कमा लेंगे।किसान चेतन सिंह ने जैविक विधि से अमरूद की फसल तैयार की है-इसमें किसी भी प्रकार की पेस्टिसाइड का प्रयोग नहीं किया गया है।किसान चेतन सिंह का दावा है कि इस जैविक विधि से तैयार अमरूद की फसल में स्वाद के साथ-साथ फसल में लगने वाला कीड़ा भी नहीं है।उनका कहना है कि फसल मंडी में जहां साधारण अमरूद थोक में 10 से15 रुपये किलो के भाव बिक रहा है तो वहीं जैविक विधि से तैयार किया गया उनका अमरूद 30 से 35 रुपये किलो थोक के भाव बिक रहा है।उनका कहना है कि यह विधि अपनाकर वह पर्यावरण को दूषित होने से बचा ही रहे हैं इसके साथ-साथ वह मोटा मुनाफा भी कमा रहे हैं और लोगों को सेहतमंद फल भी उपलब्ध करा रहे हैं। चेतन सिंह का कहना है कि जहाँ किसान गन्ने की फसल से 1 एकड़ जमीन में पूरी मेहनत करने के बाद भी 70 से 80 हजार रुपये बड़ी मुश्किल से बचा पाता है वहीं वह अपनी 1 एकड़ जमीन में जैविक विधि से तैयार की गई अमरूद की फसल से दो से ढाई लाख रुपए कमा लेंगे।उन्होंने कहा कि अब किसानों को पारंपरिक विधि से अलग हटकर खेती करने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि पारंपरिक फसल की अपेक्षा जैविक विधि से तैयार की गई फसल उत्पाद के अब ज्यादा और मुनाफा देने वाले ग्राहक हैं।