मुख्यालय स्थित कार्यालय अधीक्षण विद्युत वितरण मण्डल-मऊ के समक्ष विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयुक्त आह्वान पर ऊर्जा क्षेत्र के निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन सातवें दिन सोमवार को भी जारी रहा। कर्मचारियों ने सोशल डिस्टेंसिंग के नियमो का पालन करते हुए शाम तीन बजे निजीकरण के विरोध में तख्तिया तथा संगठन का बैनर लेकर विरोध जताया।जनपद संयोजक सूर्यदेव पाण्डेय ने ऊर्जा निगम प्रबन्धन द्वारा पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के प्रस्तुत किये गये प्रस्ताव एवं निजिकरण के उद्देश्य से लाये गये विद्युत अधिनियम 2020 पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। जनविरोधी एंव मजदूर विरोधी तथा किसान विरोधी प्रस्ताव बताते हुए वापस लेने की मांग की गई। प्रबन्धन एंव सरकार को आगाह किया गया की यदि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजिकरण का एवं विद्युत अधिनियम 2020 आदी जनविरोधी कर्मचारी विरोधी फैसले को वापस नहीं लिया गया तो प्रदेष ऊर्जा क्षेत्र के तमाम कर्मचारी, जूनियर इंजीनियर व इंजीनीयर प्रदेश व्यापी आन्दोलन प्रारम्भ करने के लिए बाध्य होंगे। जिसकी सारी जिम्मेदारी प्रबन्धन एंव सरकार की होगी। विरोध विरोध प्रदर्शन में रविन्द्र सिंह यादव, संजय कुमार, रघुनन्दन यादव, पंकज सिंह, प्रदीप सिंह, आषीष गुप्ता, अरूण पाण्डेय, अनिल राय, शिवचन्द बाबू, राधेश्याम सैनी, राकेश, शशि प्रकाश गुप्ता, सुन्दर, राम सिंह यादव सहित अन्य शामिल रहे।