वाशिंगटन: अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने दावा किया कि चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग न सिर्फ घरेलू मामलों पर पूरा नियंत्रण चाहते हैं बल्कि अपने देश को दुनिया की सबसे बड़ी ताकत भी बनाना चाहते हैं। इसलिए चीनी नेता योजना के तहत सैन्य शक्ति बढ़ाने के साथ अंतरराष्ट्रीय संगठनों में जोड़-तोड़ भी कर रहे हैं।
पोंपियो ने जॉर्जिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के एक कार्यक्रम में बुधवार को कहा, ‘चिनफिंग ने अपने इरादों को स्पष्ट तौर पर जाहिर कर दिया है। वह जो कुछ कहते हैं, उसे आपको सिर्फ सुनना पड़ता है। उनका कहना है कि वह अपने देश पर पूरा नियंत्रण चाहते हैं और चीन को विदेश में नंबर एक ताकत बनाने के इच्छुक हैं। वह इसी दिशा में काम कर रहे हैं।’
अमेरिकी विदेश मंत्री के अनुसार, ‘वह (चिनफिंग) चीनी सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) को मजबूत कर रहे हैं। वह बीजिंग के फायदे के लिए अंतरराष्ट्रीय संगठनों में जोड़-तोड़ भी कर रहे हैं। वह दुनियाभर में प्रभाव डालने वाले व्यापक अभियान में व्यस्त हैं।’ 67 वर्षीय चिनफिंग चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के अध्यक्ष और महासचिव के साथ ही केंद्रीय सैन्य आयोग के चेयरमैन भी हैं।
वर्ष 2018 में चीनी संसद के जरिये उस प्रावधान को खत्म कर दिया था, जिसके तहत कोई व्यक्ति सिर्फ दो कार्यकाल तक ही राष्ट्रपति रह सकता था। इस प्रावधान के खत्म होने से चिनफिंग आजीवन राष्ट्रपति रह सकते हैं। पोंपियो ने कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी जानती है कि वह अमेरिकी रिसर्च, खोज और तकनीक की बराबरी नहीं कर सकती है। इसलिए उसकी तकनीक चोरी या दूसरे देशों से खरीद पर आधारित है।