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UP: स्कूल फीस जमा नहीं करने पर प्रिंसिपल ने किया छात्रा को अपमानित, सदमे में गई जान!

उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से एक ऐसा मामले सामने आया है, जिसने पूरी मानवीय संवेदनाओं को हिला कर रख दिया है। क्योंकि इसी मानवीय संवेदनाओं की अभाव ने एक छात्रा की जान लें ली। दरअसल लॉकडाउन के कारण आर्थिक तंगी के चलते एक पिता 10वीं में पढ़ने वाली बेटी की स्कूल फीस जमा नहीं कर सके। फीस जमा नहीं करने पर छात्रा को अपमानित किया गया।

By: Amit ranjan 
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UP: स्कूल फीस जमा नहीं करने पर प्रिंसिपल ने किया छात्रा को अपमानित, सदमे में गई जान!

उन्नाव : उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से एक ऐसा मामले सामने आया है, जिसने पूरी मानवीय संवेदनाओं को हिला कर रख दिया है। क्योंकि इसी मानवीय संवेदनाओं की अभाव ने एक छात्रा की जान लें ली। दरअसल लॉकडाउन के कारण आर्थिक तंगी के चलते एक पिता 10वीं में पढ़ने वाली बेटी की स्कूल फीस जमा नहीं कर सके। फीस जमा नहीं करने पर छात्रा को अपमानित किया गया।

आरोप है कि गुरुवार को फीस माफी की अर्जी लेकर जब छात्रा स्कूल गई तो प्रिंसिपल ने मिलने से इनकार कर दिया। साथ ही उसे अपमानित कर तिमाही परीक्षा में बैठने से भी मना कर दिया। रोते हुए घर लौटी छात्रा बेहोश होकर गिर पड़ी।

लगाया आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप

घरवाले उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने स्कूल प्रिंसिपल के खिलाफ खुदकुशी के लिए उकसाने की रिपोर्ट लिख शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है।

फीस जमा करने के लिए मांगा था समय

एफआईआर के अनुसार, आदर्श नगर कॉलोनी के सुशील कुमार अवस्थी की बेटी स्मृति (15) एबी नगर के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में हाई स्कूल की छात्रा थी। प्राइवेट नौकरी करने वाले सुशील लॉकडाउन के कारण पिछले कुछ महीनों से आर्थिक तंगी में थे। इस कारण तीन महीने की फीस बकाया थी। सुशील ने फीस अदा करने के लिए स्कूल से कुछ वक्त मांगा था।

उनकी बेटी एप्लिकेशन लेकर स्कूल भी गई थी, लेकिन उसको बाहर निकाल दिया गया। पिता के आरोपों के अनुसार प्रिंसिपल ने उनको फीस भरने का वक्त नहीं दिया और एग्जाम में नहीं बैठने की बात बोलकर अपमानित करते हुए बाहर निकाल दिया। पीड़ित पिता के अनुसार बच्ची के दिमाग पर बहुत ज्यादा प्रेशर होने और तेज गर्मी की वजह से वो घर पहुंचकर जमीन पर गिर पड़ी और उसकी मौत हो गई।

सफाई देते हुए प्रिसिंपल ने ये कहा

वहीं प्रिंसिपल सत्येंद्र कुमार ने मामले पर अपनी सफाई देते हुए कहा कि बुधवार को छात्रा की मां ने 2 हजार रुपये जमा किए थे। उन्होंने फीस माफी की मांग की, तो उसने अर्जी मांगी गई। जिसे बच्ची लेकर स्कूल आई और करीब 50 मिनट वहां रुकी। बच्ची को पहले से ही चक्कर आते थे। इस बात को परिवार ने भी स्वीकार किया है। मैं घरवालों से मिलने भी गया था। फीस की बात कभी बच्चों से नहीं बल्कि अभिभावकों से की जाती है।

वहीं पुलिस ने बच्ची के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसके अलावा प्रिंसिपल पर केस भी दर्ज किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि वो पिता की शिकायत पर मामले को लेकर आगे की कार्रवाई कर रही है।

आपको बता दें कि देश के अभी भी कई राज्यों में ऐसे परिवार है जो कोरोना महामारी के कारण लगाये गए लॉकडाउन से आर्थिक तंगी का सामना कर रहे है। जिस कारण उनके सामने कई तरह की समस्या की खड़ी हो रही है।

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