नई दिल्ली : बीजेपी के पूर्व लोकसभा सांसद शरद त्रिपाठी ने 49 साल की उम्र में आखिरी सांस ली। वे लंबे समय से लीवर की बीमार पीड़ित थे। काफी समय से उनका गुरूग्राम के मेदांता अस्पताल में इलाज चल रहा था। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। शरद त्रिपाठी के निधन के बाद उनके समर्थकों में शोक की लहर है।
संत कबीरनगर से पूर्व सांसद ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में अंतिम सांस ली। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और यूपी बीजेपी अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने उनके निधन पर शोक जताया है। स्मृति ईरानी ने ट्वीट कर कहा कि, “मैं निशब्द हूं। ऐसा लगता अभी बोल उठेगा शरद ‘चल दीदी क्षेत्र में कार्यक्रम करना है’। चला गया, प्रभु की यही इच्छा थी। ईश्वर शरद त्रिपाठी जी की आत्मा को शांति दें, अपने श्री चरणों में स्थान दें।”
वहीं बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि संत कबीरनगर से पूर्व सांसद व भाजपा के वरिष्ठ नेता श्री शरद त्रिपाठी जी के निधन के समाचार से स्तब्ध हूं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दे व परिजनों को यह दुःख सहने का संबल प्रदान करे।
देवरिया से सांसद हैं पिता रमापति राम त्रिपाठी
बता दें कि शरद त्रिपाठी के पिता रमापति राम त्रिपाठी देवरिया से बीजेपी सांसद हैं। रमापति बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। 2019 में लोकसभा चुनाव से पहले जूता कांड के बाद पार्टी ने शरद को टिकट ना देकर उनके पिता रमापति राम त्रिपाठी को देवरिया सीट से टिकट दिया था।