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अमृत 2.0 को लेकर उमंग सिंघार का सरकार पर आरोप, SCADA सिस्टम पर उठाए सवाल

मध्यप्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने अमृत 2.0 के तहत स्वीकृत जलप्रदाय परियोजनाओं में SCADA सिस्टम के उपकरणों को लेकर कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। उन्होंने 622 परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।

By: Nivedita 
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अमृत 2.0 को लेकर उमंग सिंघार का सरकार पर आरोप, SCADA सिस्टम पर उठाए सवाल

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने अमृत 2.0 योजना के तहत चल रही जलप्रदाय परियोजनाओं को लेकर मोहन यादव सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सिंघार ने दावा किया कि प्रदेश में घर-घर साफ पानी पहुंचाने के लिए चल रही योजनाओं में SCADA सिस्टम के उपकरणों की गुणवत्ता और खरीद को लेकर कथित अनियमितताएं सामने आ रही हैं।

12 हजार करोड़ रुपये के कथित घोटाले का आरोप

उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि अमृत 2.0 के तहत मध्यप्रदेश में 622 जलप्रदाय परियोजनाएं स्वीकृत हैं। उन्होंने दावा किया कि इन परियोजनाओं में SCADA सिस्टम के लिए निर्धारित ब्रांड के बजाय कथित तौर पर सस्ते स्थानीय सेंसर और उपकरण लगाए जा रहे हैं। सिंघार का आरोप है कि कुछ स्थानों पर स्थानीय उपकरणों पर दूसरे ब्रांड के स्टीकर लगाकर उनका इस्तेमाल किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में भी कुछ जल संयंत्रों में स्थानीय उपकरण और कथित ब्रांड स्टिकर लगाए जाने के आरोपों का उल्लेख है।

SCADA सिस्टम की भूमिका पर भी चर्चा

SCADA यानी Supervisory Control and Data Acquisition सिस्टम का इस्तेमाल जलप्रदाय और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में निगरानी एवं नियंत्रण से जुड़े कार्यों के लिए किया जाता है। ऐसे में इसके उपकरणों की गुणवत्ता और निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप स्थापना को लेकर सवाल उठाए गए हैं।

 

कंसल्टेंट और इंजीनियरों की भूमिका पर सवाल

नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाया कि यदि निर्धारित ब्रांड या तकनीकी मानकों के अनुरूप उपकरण नहीं लगाए गए हैं, तो संबंधित कंसल्टेंट और इंजीनियरों ने इन उपकरणों को मंजूरी कैसे दी। उन्होंने पूरे मामले में जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।

सरकार से उच्चस्तरीय जांच की मांग

उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि पेयजल से जुड़ी परियोजनाओं में सरकारी धन के इस्तेमाल के साथ-साथ तकनीकी उपकरणों की गुणवत्ता की भी जांच होनी चाहिए।

जलप्रदाय परियोजनाओं में गुणवत्ता का मुद्दा

सिंघार ने कहा कि जलप्रदाय योजनाओं का सीधा संबंध आम लोगों से है। ऐसे में परियोजनाओं में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने कथित अनियमितताओं की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। फिलहाल, इन आरोपों पर सरकार या संबंधित विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही मामले की स्थिति और आरोपों की पुष्टि को लेकर तस्वीर स्पष्ट होगी।

 

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