तुर्की और सीरिया के बीच संघर्ष बढ़ने की वजह से यूरोप में नया संकट मंडराने लगा है। इसे देखते हुए तुर्की ने सीरियाई शरणार्थियों के लिए यूरोप में प्रवेश के लिए इजाजत दे दिया था, जिसके चलते यूरोपीय संघ (EU) के प्रवेश द्वार और तुर्की के पड़ोसी देश ग्रीस की परेशामियां बढ़ गई हैं।
ग्रीस सरकार ने नया फरमान जारी करते हुए शरण के लिए आवेदन लेना बंद तो कर ही दिया है इसके साथ ही चेतावनी भी दी है कि गैरकानूनी ढंग से प्रवेश करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस लहजे से देखा जाय तो तुर्की और ग्रीस की सीमा पर तनावपूर्ण माहौल है, यहां तक की शरणार्थियों को पीछे ढकेलने के लिए सैन्य बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े जिसके बाद लोग आस लगाकर बैठ गए हैं कि कोई न कोई उनकी आवाज सुनेगा। इन हालातों को देखते हुए इसपर विचार के लिए EU ने बैठक बुलाई, जिसमें ग्रीस सरकार ने इस टकराव को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है।
वहीं, तुर्की ने सीरिया के इदलिब शहर में बिगड़ते हालातों के मध्य शरणार्थियों को यूरोप जाने से रोकने के लिए इनकार कर दिया है। इस फैसले के बाद कम से कम 600 लोग समुद्री रास्ते से ग्रीस के लेसबोस, चियोस और सामोस द्वीपों पर पहुंचे। ये द्वीप तुर्की के समुद्र तट से कुछ ही घंटों की दूरी पर हैं। वहीं, ग्रीस के सरकारी सूत्रों ने कहा कि तुर्की सीमा पर 3000 लोग जमा हैं जबकि विश्व अप्रवासी संस्था ने उनकी संख्या 13,000 बताई है।