नई दिल्ली : ट्रेन का सफर तो आप सभी ने किया होगा, चाहे वो पैसेंजर हो या एक्सप्रेस या सुपरफास्ट। इन सभी ट्रेनों से अक्सर टीटीई के दबंगई के मामले सामने आते रहे है। जहां किसी यात्री के पास टिकट ना होने पर जहां वो सरेआम उस युवक की बेज्जती करते है, वहीं वो चेकिंग के नाम पर उनके पैंट और बेल्ट भी खोलवा देते है। इसके बाद भी युवक चुप रहने को मजबूर रहता है, क्योंकि एक तरफ जहां वह बेरोजगारी के सामने लाचार है। वहीं वह सरकारी अफसरशाही के धौंस के सामने भी बेबस।

एक ऐसा ही मामला सिकंदराबाद गोरखपुर स्पेशल ट्रेन से सामने आया है, जहां एक युवक के पास टिकट ना होने पर टीटीई ने उसे ट्रेन से बाहर धकेल दिया, जिससे यात्री की मौके पर ही मौत हो गई। दरअसल देश में जारी कोरोना महामारी और लॉकडाउन को लेकर कई प्रवासियों मजदूरों की नौकरी जा चुंकी है, जिससे उनके पास अब उतने भी पैसे नहीं बचे, जिससे वो खुद के घर जा सकें। इसके बावजूद भी वो जोखिम उठाकर घर जाने को बेबस होते है। क्योंकि अगर वे अपने घर को नहीं गये तो, नौकरी तो चली ही गई, कहीं जान भी ना चली जाये और परिवार की चिंता को लेकर घरों को निकल जाते है।
ठीक इसी तरह के बेबसी को लेकर सिकंदराबाद में मजदूरी करने वाला बसंत भी अपने घर को जाने को मजबूर हुआ। वो अपने घर देवरिया जाने के लिए अपने चचेरे भाई और बहनोई के साथ सिकंदराबाद गोरखपुर स्पेशल ट्रेन से निकला था, लेकिन ट्रेन में टीटीई से विवाद होने पर टीटीई ने उसे ट्रेन से बाहर फेंक दिया और उसकी मौके पर मौत हो गई।
दरअसल बसंत ट्रेन में बिना टिकट के सवारी कर रहा था, वहीं जब ट्रेन लखनऊ के बादशाह नगर रेलवे स्टेशन के पास पहुंची तो टीटीई जय नारायण यादव एक अन्य टीटीई के साथ चेकिंग के लिए पहुंचा और बसंत से टिकट दिखाने को कहा, लेकिन टिकट ना होने पर उस पर 1500 रुपए का चालान लगा दिया। बसंत ने 1000 रुपए दिए और 500 रुपए नहीं होने की बात कही।
जिसे लेकर टीटीई और बसंत में विवाद हुआ और टीटीई ने बसंत को ट्रेन से नीचे फेंक दिया और उसकी मौत हो गई। हालांकि यात्रियों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन रुकवाई लेकिन तब तक बसंत की मौत हो चुकी थी जिसके बाद यात्रियों ने टीटीई की जमकर पिटाई की और जीआरपी ने मृतक बसंत के बहनोई की तहरीर पर टीटीई के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
आरोपी टीटीई के खिलाफ मुकदमा दर्ज
जानकारी के मुताबिक लखनऊ चारबाग के सीओ जीआरपी संजीव कुमार सिन्हा ने बताया कि बसंत की मौत ट्रेन से गिर कर हुई है। वहीं मृतक के बहनोई की तहरीर पर आरोपी टीटीई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जिसके बाद पुलिस ने टीटीई को गिरफ्तार कर कार्यवाही शुरू कर दी है। साथ ही मृतक के बहनोई ने बताया कि यात्रियों की पिटाई से टीटीई को काफी चोट लगी है जिसके चलते उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पेंटिंग का काम कर घर को चलाता था बसंत
इस पूरे मामले में मृतक के बहनोई ने बताया कि बसंत उसके बहनोई और चचेरे भाई के साथ सिकंदराबाद में पेंटिंग का काम करता था और नौकरी चली जाने पर अपने घर वापस लौट रहा था। दरअसल बहनोई और चचेरे भाई के पास टिकट था लेकिन बसंत जल्दबाजी में टिकट ले जाना भूल गया था।
अब सवाल यह उठता है की क्या किसी युवक के पास टिकट ना होने पर टीटीई उसकी कीमत की भरपाई युवक की जान से लेंगे। जिस तरह टीटीई के द्वारा ट्रेन से बाहर धकेले जाने से बसंत की जान गई, उसके परिवार का अब क्या होगा। उसके परिवार का पालन पोषण करेगा। क्या रेलवे या सरकार उसके घर के परिजन को नौकरी देगी। अगर नहीं, तो फिर उसके परिवार का क्या होगा?