नई दिल्ली : टोक्यो ओलंपिक मैच में भारतीय महिला हॉकी टीम का पहली बार पदक हासिल करने का सपना चकनाचूर हो गया। हालांकि उन्होंने विपक्षी टीम ब्रिटेन को कड़ी टक्कर दी। जिससे एक पल ये लगा की अब यह कांस्य भारत की झोली में आ जायेगा। लेकिन आखिरी क्षण में पेनाल्टी कार्नर के मौके को जीत की गोल में तब्दील न करने के कारण, उन्हें शुक्रवार को खेले गए मैच में गत चैंपियन ग्रेट ब्रिटेन से 3-4 हार का सामना करना पड़ा।
आपको बता दें कि भारतीय टीम की ओर से गुरजीत कौर ने दो और वंदना कटारिया ने एक गोल किया। वहीं ग्रेट ब्रिटेन के लिए इलेना रायर ने 16वें, सारा रॉबर्टसन ने 24वें, होली पियरने वेब ने 35वें और ग्रेस बाल्सडन ने 48वें मिनट में गोल दागे। बता दें कि पहले क्वार्टर में ग्रेट ब्रिटेन ने भारतीय टीम पर दबाव बनाए रखा। खेल के दूसरे ही मिनट में ग्रेट ब्रिटेन को पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन सविता पूनिया ने शानदार डिफेंस कर गोल नहीं होने दिया। फिर खेल के दसवें मिनट में भी विपक्षी टीम को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन भारतीय डिफेंस इस मौके पर काफी सतर्क थीं। इसके बाद ग्रेट ब्रिटेन ने गोलपोस्ट पर दो अटैक किए, जिसे भारतीय गोलकीपर ने नाकाम कर दिया।

दूसरे क्वार्टर में गोलों की बरसात हुई और कुल पांच गोल दागे गए। क्वार्टर के पहले ही मिनट में इलेना रायर ने बेहतरीन फील्ड गोल करके ग्रेट ब्रिटेन को 1-0 की बढ़त दिला दी। खेल के 19वें मिनट में लालरेमसियामी के पास भारत को बराबरी दिलाने का मौका था, लेकिन गोलकीपर मैडी हिंच ने इस मौके पर शानदार बचाव किया। फिर अगले ही मिनट भारतीय टीम को पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन भारत इसे भुनाने में सफल नहीं रहा। खेल के 24वें मिनट में सारा रॉबर्टसन ने फील्ड गोल करके ग्रेट ब्रिटेन को 2-0 से आगे कर दिया।
2-0 से पिछड़ने के बाद भारतीय टीम ने शानदार वापसी करते हुए पांच मिनट के अंदर तीन गोल दाग दिए। खेल के 25वें मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसपर ड्रैग फ्लिकर गुरजीत कौर ने गोल दागकर भारत का खाता खोल दिया। अगले ही मिनट में भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। अबकी बार भी गुरजीत कौर ने शानदार ड्रैग फ्लिक करते हुए भारत को 2-2 की बराबरी दिला दी। इसके बाद खेल के 29वें मिनट में वंदना कटारिया ने शानदार फील्ड गोल करके भारत को 3-2 से आगे कर दिया।

तीसरे क्वार्टर में ग्रेट ब्रिटेन ने भारत पर दबाव बनाने की कोशिश की। इस क्वार्टर के पांचवें मिनट में कप्तान होली पियरने वेब ने मैदानी गोल कर ग्रेट ब्रिटेन को 3-3 की बराबरी पर ला दिया। इसके बाद भारतीय टीम को लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन वह गोल नहीं कर पाईं। खेल के 42वें मिनट में इसाबेल पीटर के शॉट पर सविता पूनिया ने शानदार बचाव कर मौके को नष्ट कर दिया। क्वार्टर के आखिरी मिनट में भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन इस बार भी भारत गोल नहीं कर सका।
49′ Green Card for Sharmila. 🟩
She will have to sit out of the game for two minutes.
🇬🇧 4:3 🇮🇳#GBRvIND #HaiTayyar #IndiaKaGame #Tokyo2020 #TeamIndia #TokyoTogether #StrongerTogether #HockeyInvites #WeAreTeamIndia #Hockey
— Hockey India (@TheHockeyIndia) August 6, 2021
चौथे क्वार्टर की शुरुआत में ही ग्रेट ब्रिटेन को पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन भारतीय डिफेंडर ने इस मौके को नाकाम कर दिया। खेल के 48वें मिनट में ग्रेस बाल्सडन ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करके अपनी टीम को 4-3 से आगे कर दिया। खेल के 52वें मिनट में भारतीय टीम को पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन इस बेहतरीन मौके को टीम भुना नहीं पाई। इसके बाद भारत ने बराबरी करने की कोशिश की, लेकिन ग्रेट ब्रिटेन की डिफेंस ने भारत को गोल नहीं करने दिया।
आपको बता दें कि भारतीय महिला टीम को ग्रप-ए में नीदरलैंड, जर्मनी, ब्रिटेन, आयरलैंड और साउथ अफ्रीका के साथ रखा गया था। वहीं, ग्रुप-बी में ऑस्ट्रेलिया, अर्जेंटीना, न्यूजीलैंड, जापान, चीन और स्पेन की टीमें शामिल थीं। सभी टीमें एक-दूसरे से खेलीं और दोनों ग्रुप से शीर्ष चार टीमें क्वार्टर फाइनल में पहुंचीं। भारत अपने ग्रुप में दो जीत और तीन हार के साथ चौथे स्थान पर रहा था।
टोक्यो में महिला टीम का अभियान नीदरलैंड, जर्मनी और गत चैम्पियन ब्रिटेन से लगातार तीन मैचों में हार से शुरू हुआ, लेकिन उसने शानदार वापसी करते हुए अपने से ऊंची रैंकिंग की आयरलैंड को 1-0 से हराने के बाद दक्षिण अफ्रीका को 4-3 से शिकस्त देकर खुद को दौड़ में बनाए रखा। भारत का अंतिम आठ में स्थान ब्रिटेन के पूल-ए के अंतिम मैच में आयरलैंड को 2-0 से हराने के बाद सुनिश्चित हुआ। फिर क्वार्टर फाइनल में भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 1-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। हालांकि सेमीफाइनल में भारत को अर्जेंटीना के हाथों 2-1 से हार का सामना करना पड़ा।