नई दिल्ली : भारत की दिग्गज मुक्केबाज एमसी मैरिकॉम (51 किग्रा) का दूसरा ओलंपिक पदक जीतने का सपना टूट गया और उन्हें रियो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता इंग्रिट वालेंसिया से 2-3 से हार का सामना करना पड़ा। आपको बता दें कि इस चुनौतीपूर्ण मैच में मैरी कॉम ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन वह आगे नहीं बढ़ सकीं। यह 38 साल की महान मुक्केबाज का अंतिम ओलंपिक मुकाबला होगा।
जब रेफरी ने मुकाबले के अंत में वालेंसिया का हाथ ऊपर उठाया, तो मैरीकॉम की आंखों में आंसू थे और चेहरे पर मुस्कान थी। जिस तरीके से वालेंसिया पहली घंटी बजने के बाद भागी थीं, उससे लग रहा था कि यह मुकाबला कड़ा होने वाला है और ऐसा ही हुआ। शुरू से ही दोनों मुक्केबाज एक-दूसरे पर मुक्के जड़ रही थीं, लेकिन वालेंसिया ने शुरुआती राउंड 4-1 से अपने नाम कर दबदबा बना लिया।

मणिपुर की अनुभवी मुक्केबाज मैरीकॉम ने शानदार वापसी कर दूसरे और तीसरे राउंड को 3-2 से अपने नाम किया। पर शुरुआती राउंड की बढ़त से वालेसिंया इस मुकाबले को जीतने में सफल रहीं। भारतीय मुक्केबाज ने दूसरे और तीसरे राउंड में दाहिने ‘हुक’ का बखूबी इस्तेमाल किया।
मैरीकॉम के इस तरह प्री क्वार्टर फाइनल मुकाबले में हारने से भारत की पदक की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। वालेंसिया अपने प्रदर्शन से जहां तीन जजों को प्रभावित करने में कामयाब रहीं वहीं मैरीकोम से दो जज ही प्रभावित हुए। इसके साथ ही बॉक्सिंग में भारत की मेडल की उम्मीदें भी खत्म हो गईं। हालांकि अपने खेल से उन्होंने देश का दिल जीत लिया।
बता दें कि मैरीकॉम 2019 विश्व चैम्पियनशिप के क्वार्टरफाइनल में पहले वालेंसिया को हरा चुकी हैं। कोलंबियाई मुक्केबाज की यह मैरीकॉम पर पहली जीत है। मैरीकॉम की तरह 32 साल की वालेंसिया भी अपने देश के लिए काफी अहम खिलाड़ी हैं। वह पहली महिला मुक्केबाज हैं, जिन्होंने ओलंपिक खेलों में अपने देश का प्रतिनिधित्व किया और वह पहली महिला मुक्केबाज हैं, जिन्होंने देश के लिए ओलंपिक पदक जीता। आपको बता दें कि मैरीकॉम 6 बार वर्ल्ड चैंपियन का खिताब जीत चुकी है।