वर्षभर में हर महीने में दो बार एक शुक्ल और दूसरा कृष्ण पक्ष में प्रदोष का व्रत मनाया जाता है और आज शनि प्रदोष है। कहते है कि जो शिव को प्रसन्न करना चाहता है उसे शनि देव को भी प्रसन्न करना चाहिए।
पहला शनि प्रदोष व्रत जहां 18 जुलाई को मनाया गया, वहीं दूसरा शनि प्रदोष व्रत 1 अगस्त 2020, शनिवार को मनाया जा रहा है।
अगर आज के दिन जो भी मनुष्य पूरी निष्ठा और श्रद्धा से इस व्रत को करता है तो शनि देव उसकी हर मनोकामना पूरी करते है।
कहते है कि इस व्रत को करने से शनि का प्रकोप, शनि की साढ़ेसाती या ढैया का प्रभाव की कम हो जाता है।
आपको बता दे, प्रदोष काल में शिव जी साक्षात शिवलिंग पर अवतरित होते हैं और इसीलिए इस समं शिव का स्मरण करके उनका पूजन किया जाए तो उत्तम फल मिलता है।