रिपोर्ट: सत्यम दुबे
नई दिल्ली: थाईलैंड से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसे जानकर आप भी दंग रह जायेंगे। एक बौद्ध भिक्षु ने उच्च आध्यात्मिक के कारण पुनर्जन्म लेने की आस में भगवान बुद्ध के चरणों में खुद की बलि चढ़ा कर आत्महत्या कर ली। थाईलैंड के 68 साल के थम्माकोर्न वांगप्रीचा कथित तौर पर पिछले पांच वर्षों से विचित्र अनुष्ठान बलिदान की योजना बना रहे थे।
आपको बता दें कि उनकी मानसिकता ये बन गई थी कि भगवान बुद्ध के लिए उनके बलिदान से उनकी मेरिट अच्छी हो जायेगी इसके साथ ही उन्हें अपने नए जीवन में अध्यात्म के नए स्तर को छूने और निर्वाण को प्राप्त करने का मौका मिलेगा। आपके जानकारी के लिए बता दें कि बौद्ध धर्म में मेरिट एक ऐसी ऊर्जा को कहा जाता है जो अच्छे काम करने से प्राप्त होती है। इसे मोक्ष की राह से भी जोड़कर देखा जाता है।
थम्माकोर्न वांगप्रीचा पिछले 11 सालों से उत्तर-पूर्वी थाईलैंड के एक मंदिर में सेवा कर रहे थे। उनके आत्महत्या करने के बाद सबसे पहले उनके पार्थिव शरीर को उनके भतीजे बूनचर्ड बूनरोड ने देखा था। बूनचर्ड को एक पत्र भी मिला था। इस पत्र में लिखा था कि मैं भगवान बुद्ध को अपना शरीर और आत्मा समर्पित करना चाहता था ताकि प्रभु मुझे अगले जन्म में एक उच्च आध्यात्मिक के रूप में दुनिया में वापस भेज सकें। मैं पिछले पांच सालों से इसकी योजना बना रहा था।
आपको बता दें कि मौत के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस ने बौद्ध भिक्षु का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट्स की मानें तो वांगप्रीचा ने अन्य पुजारियों को बताया था कि वे जल्द ही मंदिर से अपनी सेवाएं खत्म करने वाले हैं। लेकिन वो कैसे अपनी सेवाएं खत्म करेंगे इस बात की जानकारी नहीं दी थी।