नई दिल्ली: वैश्विक महामारी के कारण पूरी दुनिया सेमीकंडक्टर की कमी से जूझ रही है जिसका प्रभाव आम जीवन में देखने को मिल रहा है। ऐसे में सेमीकंडक्टर (चिप) की कमी को दूर करने के लिए सरकार जल्द प्रोत्साहन नीति लाएगी। एक आधिकारिक सूत्र ने बताया, इस संकट के बीच सरकार घरेलू निर्माण को बढ़ावा देने व वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक चिप कंपनियों को आकर्षित करने के लिए सेमीकंडक्टर डिजाइन से जुड़ी नई प्रोत्साहन योजना लाने पर विचार कर रही है। योजना के तहत पांच साल में करीब 1,000 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन देने का प्रस्ताव है।
बता दें कि Qualcomm, Intel, Mediatek, Infineon, और Texas Instruments जैसी वैश्विक बड़ी कंपनियों का भारत में अनुसंधान और विकास है जो उनके चिपसेट के विकास में योगदान करते हैं। केंद्र सरकार सेमीकंडक्टर डिजाइन से जुड़ी एक नई प्रोत्साहन योजना पर विचार कर रही है, जिसमें भारतीय सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उपक्रमों (MSME) और स्टार्टअप के लिए वित्तीय और बुनियादी ढांचा सहायता देने की बात है। जब ये स्टार्टअप चिप का उत्पादन और बाजार में बिक्री शुरू करेंगे, तो उन्हें अपने शुद्ध बिक्री कारोबार पर योजना के तहत अतिरिक्त प्रोत्साहन भी दिया जाएगा।
इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने पिछले हफ्ते कहा था कि सरकार इस सेगमेंट में भारत की नीति रोडमैप पर चर्चा करने के लिए नवंबर में सेमीकंडक्टर कंपनियों के एक सम्मेलन की मेजबानी करेगी।
“यह एक महान पहल है जो सेमीकंडक्टर्स के डिजाइन के क्षेत्र में प्रभाव डालने के लिए भारत की ताकत का लाभ उठाएगी। हम अगले कुछ वर्षों में 25 से अधिक फैबलेस कंपनियों का लक्ष्य रख सकते हैं जो वैश्विक सेमीकंडक्टर बाजार में पर्याप्त प्रभाव डालेंगे।” उद्योग मंडल IESA के अध्यक्ष राजीव खुशु ने कहा। सेमीकंडक्टर डिजाइन राजस्व का मुख्य चालक है जो इलेक्ट्रॉनिक चिप कंपनियां अपने उच्च अंत घटकों की बिक्री से कमाती हैं।
योजना की खास बातें