रिपोर्ट : नंदनी तोदी
देहरादून : निदेशक संस्कृति द्वारा अतिरिक्त मुख्य सचिव राधा रतूड़ी को एक पत्र लिखा गया है। इसमें उन्होंने सचिव दिलीप जावलकर पर कथित रूप से परेशान करने और अपमान करने का आरोप लगाया है। इससे उन्होंने राज्य के प्रशासन को घेरे में डाल दिया है।
बता दें, पत्र पिछले महीने, निदेशक संस्कृति बीना भट्ट ने लिखा था और इसकी कॉपीस मुख्य सचिव ओम प्रकाश और राज्य महिला आयोग को चिह्नित की गई हैं।
पत्र में भट्ट ने आरोप लगाया कि सचिव जावलकर ने जानबूझकर उनकी पदोन्नति की फाइल ढाई साल तक रोक रखी थी और जब 7 सितंबर, 2020 को उत्तराखंड उच्च न्यायालय (एचसी) के आदेश पर उन्हें निर्देशक के पद पर प्रमोट कर दिया गया। सचिव ने विभाग में महानिदेशक (डीजी) के एक पद का गठन किया और आनंद स्वरूप को उस पद पर बिठा दिया।
आगे, पत्र में उसने यह भी कहा कि उसका ग्रेड वेतन 8900 रुपये है जबकि डीजी का ग्रेड वेतन केवल 7600 रुपये है। भट्ट ने यह भी चौंकाने वाले आरोप लगाए कि सचिव और महानिदेशक दोनों ने उन पर अपमानजनक टिप्पणी की और आरोप लगाया कि यह 2013 के कार्य स्थल पर यौन उत्पीड़न के तहत आता है।
मीडिया से बातचीत पर सचिव जावलकर ने कहा कि उन्हें शिकायत की जानकारी मीडिया से ही मिली है। सचिव ने हालांकि यह भी कहा कि जावलकर को अपना जवाब अधिकारियों और अदालत को तभी देना है जब माँगा जायेगा।
भट्ट ने मीडिया को बताया कि उसने अधिकारियों को एक पत्र लिखा है लेकिन उसकी शिकायत की स्थिति के बारे में विस्तार से पूछे जाने पर उसने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।