1. हिन्दी समाचार
  2. विदेश
  3. इस भारतीय महिला ने अपनी एक गलती के कारण पाकिस्तान जेल में गुजारे 18 साल, जानें वह गलती

इस भारतीय महिला ने अपनी एक गलती के कारण पाकिस्तान जेल में गुजारे 18 साल, जानें वह गलती

By: RNI Hindi Desk 
Updated:
इस भारतीय महिला ने अपनी एक गलती के कारण पाकिस्तान जेल में गुजारे 18 साल, जानें वह गलती

रिपोर्ट: सत्यम दुबे

नई दिल्ली: हसीना बेगम वह भारतीय महिला है, जो अपनी एक गलती के कारण पाकिस्तान में फंस गई, जिसके 18 साल बाद उनको भारत लाया गया। भारत आने के बाद उनके आंखो ने वहां गुजारे दिन की एक-एक कठिनाई को बयां करने लगी। दरअसल, साल 2002 में हसीना बेगम अपने एक रिश्तेदार से मिलने पाकिस्तान के लाहौर गई थी। जहां उन्होने अपना पासपोर्ट खो दिया। उनकी यही एक गलती पाकिस्तान में उनको कैदी बना दिय़ा। पाकिस्तानी अधिकारियों ने जबरदस्ती उनको कैदकर लिया। गणतंत्र दिवस के दिन भारत सरकार ने उनके पाकिस्तान से आजाद कराकर उनको भारत वापस लौटाया है।

मुंबई के औरंगाबाद सिटी चौक थाना क्षेत्र के अंतर्गत राशिदपुरा इलाके की रहने वाली हसीना बेगम की शादी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर निवासी दिलशाद अहमद से हुई है। दरअसल, साल 2002 में हसीना बेगम अपने पति के रिश्तेदारों से मिलने 18 साल पहले पाकिस्तान में गई थी। वहां उन्होने अपना पासपोर्ट खो दिया। जिसके बाद पाकिस्तानी सरकार ने बिना पासपोर्ट के आरोप में उन्हे कैद कर लिया।

जिसका कुछ साल बाद उन्होने पाकिस्तान के कोर्ट में एक याचिका दायर कर यह गुहार लगाई की वह निर्दोष हैं। जिसके बाद पाकिस्तानी अदालत ने औरंगाबाद पुलिस से इस मामले की जानकारी मांगी। औरंगाबाद पुलिस ने मामले की जांच की और पाकिस्तान को सूचना भेजी कि हसीना बेगम के नाम पर औरंगाबाद में सिटी चौक पुलिस स्टेशन के तहत एक घर रजिस्टर्ड है।

इसके बाद अदालत ने हसीना की दलील को मानते हुए पिछले सप्ताह उन्हें रिहा करने का निर्देश दिया। तीन दिन पहले रिहा हुई हसीना बेगम पंजाब के रास्ते मंगलवार को औरंगाबाद पहुंचीं। रिश्तेदारों और औरंगाबाद पुलिस के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।

हसीना बेगम ने अपने वतन लौटने पर कहा कि’ पाकिस्तान में मैं बहुत मुश्किलों के दौर से गुजरी और अब अपने देश लौटने के बाद मुझे शांति का अहसास हो रहा है। मुझे लग रहा है जैसे मैं स्वर्ग में हूं। मुझे पाकिस्तान में जबरदस्ती कैद कर लिया गया था। मैं इस मामले में सहयोग करने के लिए औरंगाबाद पुलिस को धन्यवाद देना चाहती हूं।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...