रिपोर्ट: गीतांजली लोहनी
नई दिल्ली: एक्ट्रेस सारिका ने जितना हिंदी सिनेमा में काम किया अपनी असल जिंदगी के बिंदास तरीकों के साथ ही किया। सारिका के फिल्मी करियर में याद रखने लायक एक भी रोल नहीं था। लेकिन एक ऐसी फिल्म थी जिसने बॉलीवुड के उस राज को सबके सामने ला दिया जिससे बॉलीवुड हमेशा से अपना चेहरा छिपाता रहा है। ये राज था कास्टिंग काउच का। और वो फिल्म थी ‘कत्ल’। संजीव कुमार, शत्रुघन सिन्हा, मार्क जुबैर और रंजीता कौर इस फिल्म में थे। फिल्म के पोस्टर पर ही सारिका सुपर हॉट अंदाज में नजर आयी। लेकिन फिल्म में शूट किये गए कास्टिंग काउच के सीन ने बवाल कर दिया और पूरे बॉलीवुड में कास्टिंग काउच के चर्चे होने लगे। कत्ल फिल्म 1986 में आयी थी और उस जमानें में कास्टिंग काउच जैसे शब्द भले ही ना सुने हो लेकिन फिल्म के उस सीन ने बॉलीवुड के उस राज को खोल दिया जिससे सभी बचते फिरते है।

बचपन से ही है फिल्मों में
साल 1967 में आई फिल्म हमराज से सारिका ने चाइल्ड आर्टिस्ट का रोल किया था जिसने उन्हें शोहरत दिलाई, लेकिन साल 1974 में आई फिल्म “गीत गाता चल” से उन्होंने अपने फ़िल्मी करियर की असल शुरुवात की और उसके बाद कई सपोर्टिंग रोल किया थे।
ऐसे बाहर आया इंडस्ट्री का काला सच
1986 में मार्क जुबेर नाम के डायरेक्टर ने सारिका को फिल्म में काम के बदले साथ सोने का ऑफर दिया और मजबूर किया था बाद में उसे सारिका ने मान लिया था। लेकिन असल में ये कास्टिंग काउच का कांड “क़त्ल” फिल्म में फिल्माया गया था। सारिका ने फिल्म में जिस तरह कास्टिंग काउच को स्वीकार किया और बॉलीवुड के काले सच को सामने पेश किया उससे फिल्म पर कई लांछन लगे। हालाँकि फिल्म में संजीव कुमार का अहम रोल था लेकिन अपने बोल्ड सीन के चलते सारिका पूरी लाइमलाइट ले गई थी। ये फिल्म एक मर्डर मिस्ट्री फिल्म थी।