मुंबई पुलिस ने रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अरनब गोस्वामी को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर 2018 में कथित रूप से इंटीरियर डिजाइनर को खुदकुशी के लिए उकसाने का आरोप है।
2018 में अलीबाग में 53 साल के एक इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक और उनकी मां कुमुद नायक ने रिपब्लिक टीवी से उसका भुगतान नहीं मिलने के चलते आत्महत्या कर ली थी।
सुसाइड नोट में कहा गया था कि अरनब और दो अन्य ने उनके 5.40 करोड़ रुपए का भुगतान नहीं किया था, इसलिए उन्हें आत्महत्या का कदम उठाना पड़ा।
बता दें कि 2018 में, अलीबाग पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था, लेकिन इस मामले में कोई सबूत नहीं मिलने के चलते 2019 में इस मामले को रायगढ़ पुलिस ने बंद कर दिया था।
इसी बीच न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन ने इस कृत्य की निंदा की है। एनबीएफ ने भारत सरकार और महाराष्ट्र सरकार से कानून की उचित प्रक्रिया का पालन करने और अरनब गोस्वामी से उचित व न्यायसंगत तरीके से व्यवहार करने का आग्रह किया है।
इसके साथ ही एनबीएफ ने समूचे मीडिया और न्यूज जगत से एकजुट होने और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी प्रेस की स्वतंत्रता का समर्थन करने का आह्वान किया है।
एनबीएफ की वाइस प्रेजिडेंट और ओटीवी (OTV) की मैनेजिंग डायरेक्टर जगी. एम पांडा का कहना है, पत्रकारों और न्यूज मीडिया संगठनों के अधिकारों के संरक्षण के लिए केंद्र सरकार को एक ऐसी तटस्थ एजेंसी तैयार करनी चाहिए जो प्रेस की स्वतंत्रता के खिलाफ सत्ता का दुरुपयोग न होने दे।