सरकार ने धान खरीद की तारीख निर्धारित कर दी है। सितंबर महीने के दूसरे सप्ताह से खरीफ के फसलों की कटाई शुरू हो जाएगी। कोरोना वायरस के चलते पिछले साल किसान भाइयों को अपनी फसलों को बेचने के लिए काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा था। हालांकि, खरीद केंद्रों की मदद से किसानों किसानों की समस्याएं हल करने की कोशिश की गई तमाम व्यवस्थाएं भी बनाई गई थी। लेकिन फिर भी किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। राज्य के किसान इस साल 25 सितंबर से प्रदेश भर में धान खरीद केंद्रों पर अपनी फसलों को बेच सकेंगे लेकिन इससे पहले किसानो को रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है।
ऐसे कराएं रजिस्ट्रेशन:-
सरकार के निर्देशानुसार समर्थन मूल्य पर केवल मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकृत किसानों की ही फसलें खरीदी जाएंगी। पंजीकरण करने के लिए आपको सबसे पहले ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल (https://fasal.haryana.gov.in/) पर जाना होगा पोर्टल पर जाने के बाद आपको अपना मोबाइल नंबर और आधार नंबर डालना होगा। पोर्टल पर आपको जमीन से संबंधित तमाम जानकारियां जैसे- खसरा नंबर, रेवेन्यू रिकॉर्ड के नकली कॉपी आपको भरना होगा। फसल की बुवाई, किस्म की जानकारी उपलब्ध करानी होगी आपको बैंक पासबुक की जानकारी भी देनी होगी, ताकि रकम सीधे आपके खाते में ट्रांसफर किया जा सके। आपको यह जान लेना चाहिए की केवल पंजीकृत किसानों को ही मिलेगा सरकारी खरीद का लाभ।
ये पोर्टल कब और क्यों शुरु किया गया था :-
‘मेरी फसल और मेरा ब्योरा’ पोर्टल मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने 5 जुलाई, 2019 को लांच किया था। इस पोर्टल का एक फायदा यह भी है कि किसान इस पर अपनी फसलों से संबंधित तमाम जानकारियां उपलब्ध कराकर सरकार की अन्य योजनाओं का भी फायदा उठा सकते हैं इस पोर्टल को शुरूआत करने के पीछे एकमात्र ध्येय यही थी कि प्रदेश के किसान प्रणालीगत तरीके से अपनी फसलों को MSP की कीमत पर सरकार को बेच सकें। जब से इस पोर्टल की शुरूआत हुई है, तब से किसान भाई निर्बाध रूप से अपनी फसलों को MSP की कीमत पर बेच पा रहे हैं।
31 तक करा लें किसान पंजीकरण :-
अब किसानों के पास केवल फसलों के पंजीकरण के लिए 29, 30 व 31 अगस्त का दिन शेष है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग कार्यालय के अनुसार किसानों की सुविधा के लिए मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल 31 अगस्त तक ओपन रहेगा। इसलिए अभी तक किन्हीं कारणों से अपनी फसलों का पंजीकरण करवाने से वंचित रहे किसान 31 अगस्त तक अपनी फसलों का ऑनलाइन पंजीकरण करवाएं। किसान 29, 30 व 31 इन तीन दिनों में सभी कार्य छोड़ कर अपनी फसलों का पंजीकरण करवा लें। अन्यथा उन्हें सरकारी समर्थन मूल्य पर फसल बेचने से वंचित रहना पड़ सकता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अभी तक जिले के 59391 किसानों ने 2.45 लाख एकड़ फसलों का ही पंजीकरण करवाया है। जो जिले में कुल कृषि भूमि का 67.5 फीसदी बनता है।
इन सरकारी आंकड़ों के अनुसार जिले में बड़ी संख्या में किसान सरकारी समर्थन मूल्य पर फसल बेचने से वंचित रह सकते हैं। इस साल में धान की खरीद के लिए करीब 200 खरीद केंद्र बनाए जाएंगे. इसी तरह बाजरा के लिए 86, मक्का के लिए 19 और मूंग के लिए 38 खरीद केंद्र बनाये जाने की जानकारी दी है।