पन्ना जिले में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक जगन्नाथ स्वामी रथयात्रा महोत्सव का शुभारंभ स्नान पूर्णिमा के अवसर पर विधि-विधान के साथ हुआ। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा का 108 पवित्र घटों और औषधीय जल से महाअभिषेक किया गया।
स्नान के पश्चात भगवान की विशेष आरती की गई और उपयोग किए गए पवित्र घटों को प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं में वितरित किया गया, जिसे पाने के लिए भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिला।
धार्मिक मान्यता के अनुसार स्नान के बाद भगवान जगन्नाथ को लू लग जाती है, जिसके कारण वे 15 दिनों तक अनवसर काल में विश्राम करते हैं। इस दौरान विशेष जड़ी-बूटियों से उनका उपचार और पूजन किया जाता है।

करीब 180 वर्ष पूर्व तत्कालीन पन्ना नरेश महाराजा किशोर सिंह द्वारा शुरू की गई यह परंपरा आज भी पूरी श्रद्धा और भव्यता के साथ निभाई जा रही है। यह रथयात्रा ओडिशा के पुरी की तर्ज पर देश की प्रमुख रथयात्राओं में मानी जाती है।
इस वर्ष भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा 16 जुलाई को शाम 6:30 बजे निकाली जाएगी, जिसमें बुंदेलखंड सहित विभिन्न क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।