हिन्दू धर्म के चारों धामों में से एक नाम जगन्नाथ पुरी का भी आता है। इस रथ यात्रा का प्रारंभ श्रावण के आषाढ मास की द्वितीय को किया जाता है और दशमी को इसका समापन होता है। इस रथ यात्रा में बाबा जगन्नाथ,उनके भाई बालभद्र और उनकी बहन सुभद्रा की प्रतिमाएं होती है । यह रथ यात्रा मंदिर से प्रारंभ की जाती है और माता गुंडीचा के मंदिर मे जाकर
