{ श्री अचल सागर जी महाराज की कलम से }
अगर आप इस संसार को गौर से देखेंगे तो आप पायेगे की ईश्वर ने हर किसी को कुछ ना कुछ खासियत दी है। जैसे शेर जो कर सकता है वो गाय नहीं करती है लेकिन गाय के दूध से लोगों की रक्षा होती है वो शेर नहीं कर सकता है। उसका अर्थ क्या है ?
दरअसल ईश्वर ने हर किसी को कुछ ना कुछ दिया है जो उसके अलावा किसी के पास नहीं उसका सबसे बड़ा फायदा तब होता है जब वो किसी के काम आए और उसके भी बड़ी बात यह है कि समय पर काम आए।
जैसे की एक अच्छा डॉक्टर है और वो हर किसी को ठीक कर देता है लेकिन जब आपको उसकी सबसे अधिक जरुरत थी तो वो आपको समय पर मिला ही नहीं ! अब वो कितना ही अच्छा ज्ञानी हो लेकिन उसके ज्ञान का फायदा आपको नहीं मिला। इसलिए समझने वाली बात यह है कि दुनिया में हर जगह ज्ञान से अधिक महत्व उसके समय पर उपयोग का है।
इसके एक अच्छा उदाहरण मानस में मिलता है। लक्ष्मण जी को जब शक्ति लगी तो राम जी बड़े विचलित हो उठे। लंका से वैध जी आये और उन्होंने साफ़ कह दिया की अगर सुबह से पहले संजीवनी नहीं आएगी तो इनकी मृत्यु हो जाएगी।
अब यहां दो बात गौर करने वाली है। पहली ये वैध जी ने अपना काम कर दिया और अब उनकी बात मानकर ही लक्ष्मण जी के प्राण बचाए जा सकते थे।
राम जी के सेना में एक से एक वीर थे लेकिन उस समय जब सबसे अधिक उस बल की जरुरत थी तो हनुमान जी ने काम को हाथों में लिया। जब वो पर्वत पर जाकर संजीवनी नहीं पहचान पाए तो पूरा का पूरा पर्वत ही उठा लाए क्यूंकि वो समय बर्बाद नहीं कर सकते थे।
यही ज्ञानी की पहचान होती है क्योंकि ज्ञान होने से कुछ नहीं होता है। सबसे अधिक इम्पोर्टेन्ट है उसका सही समय पर उपयोग करना जो आप संसार के हर पक्षी, पशु से सीख सकते है।
इस संसार में सबसे अधिक सीख आपको अगर कोई दे सकता है तो वो आपको प्रकृति ही सीखा सकती है। इसलिए सीखिए और अपने ज्ञान से लोगों को भला कीजिए।