खबर दिल्ली से जहां पिछले दिनों नाबालिग दलित लड़की के बलात्कार और हत्या की घटना के मामले में कुछ छात्र और सामाजिक कार्यकर्ता मॉडल टाउन इलाक़े के पुलिस स्टेशन के बाहर नारेबाजी कर रहे थे और पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन भी कर रहे थे।
उसी दौरान कारवां पत्रिका के एक पत्रकार को पुलिस अधिकारी द्वारा पीटने का मामला सामने आया है। कारवां’ की ओर से पत्रकार का एक फोटो भी जारी किया गया है, जिसमें उनकी पीठ पर चोटों के निशान हैं।
‘कारवां’ के पत्रकार अहान पेनकर का यह भी कहना है कि एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस (एसीपी) अजय कुमार ने उन पर हमला किया है और उन्हें बाद में घर भेज दिया गया।
This is the fourth journalist of Caravan getting attacked in three months in Indian capital. And a Delhi Police officer in uniform assaults the journalist inside the station for following up on a 14-year girl’s death which the family says was rape&murder? https://t.co/U4444W07Su
— Vinod K. Jose (@vinodjose) October 16, 2020
‘कारवां’ के एग्जिक्यूटिव एडिटर विनोद जोस ने इस बारे में एक ट्वीट भी किया है जिसमें उन्होंने पत्रकार के द्वारा बताए गए बयान को लिखा है। उन्होंने लिखा कि एसीपी अजय कुमार ने पहले मेरे चेहरे पर लात मारी, इससे मैं ज़मीन पर गिर गया। तभी एसीपी ने मेरी पीठ और कंधों पर लात मारी। जब मैं उठकर बैठा तो एसीपी ने मेरा सिर पकड़कर मुझे गिरा दिया और फिर से मेरी पीठ पर चोट मारी।
इसी मामले को लेकर अब Editors Guild Of India ने एक बयान जारी किया है जिसमें इस पुरे मामले की कड़ी निंदा की गई है। बयान में लिखा गया है, कारवां के रिपोर्टर पर हुआ यह हमला संवैधानिक सिद्धांतों और मीडिया के स्वतंत्र रूप से रिपोर्टिंग करने के अधिकार का उल्लंघन है।
The Editors Guild of India has issued a statement pic.twitter.com/WL3Ua4ST6t
— Editors Guild of India (@IndEditorsGuild) October 21, 2020
गिल्ड हमले में शामिल पुलिस अधिकारियों के खिलाफ केंद्रीय गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस आयुक्त से सख्त कार्रवाई की मांग करता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। इसके साथ ही पत्रकार के खिलाफ किसी भी मामले को रोकने का निर्देश देना चाहिए।