मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील के माध्यम से देश के किसानों को पूंजीपतियों और विदेशी ताकतों के हाथों सौंप दिया गया है और यह समझौता देश के कृषि हितों के खिलाफ है।
जीतू पटवारी ने कहा कि पहले तीन कृषि कानून लाकर किसानों को संकट में डाला गया और अब ट्रेड डील के जरिए उसी नीति को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस डील के चलते सोयाबीन का दर्जा प्रभावित हुआ है, कपास के दाम गिरे हैं और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद लगभग बंद हो चुकी है, जिससे किसान आर्थिक दबाव में हैं।
पटवारी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों के मुद्दों पर सरकार पूरी तरह असफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है और नीतियां जमीनी हकीकत से कटी हुई हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि राहुल गांधी लगातार किसानों की चिंता उठा रहे हैं। इसी क्रम में भोपाल में किसान महापंचायत आयोजित की जाएगी, जबकि विदिशा से किसान संवाद पदयात्रा की शुरुआत की जाएगी। कांग्रेस का कहना है कि यह आंदोलन किसानों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाएगा।
इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील के पीछे कई छुपे हुए समझौते हो सकते हैं, जिनका असर सीधे किसानों पर पड़ेगा। वहीं कांग्रेस नेता हरीश चौधरी ने सवाल उठाया कि भारत ने अमेरिका के सामने झुकाव क्यों दिखाया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि GM बीज और आयात आधारित कृषि नीति से भारतीय किसान धीरे-धीरे बहुराष्ट्रीय कंपनियों पर निर्भर हो जाएंगे। उनका कहना है कि इससे देश की खाद्य सुरक्षा और किसानों की आत्मनिर्भरता को गंभीर खतरा पैदा होगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि यही नीति जारी रही, तो देश के किसानों के साथ बड़ा अन्याय होगा। पार्टी ने साफ किया कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए कांग्रेस सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।