मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में नगर निगम की नल-जल योजना एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। शहर के वार्ड क्रमांक 17 में बीते 20 से 25 दिनों से पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप है। हालात इतने गंभीर हैं कि वार्डवासी पीने के पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि जिम्मेदारों की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं दिखी है।
नगर निगम मंचों से नल-जल योजना की सफलता के बड़े-बड़े दावे करता रहा है, लेकिन वार्ड 17 की जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। स्थानीय महिलाओं ने आक्रोश व्यक्त करते हुए नगर निगम और वार्ड पार्षद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि चुनाव के समय वोट मांगने के लिए जनप्रतिनिधि हर संभव प्रयास करते हैं, लेकिन संकट के समय जनता की सुध लेने कोई नहीं आता।
वार्डवासियों का आरोप है कि नगर निगम में कई बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद न तो टैंकर की व्यवस्था की गई और न ही वैकल्पिक जल आपूर्ति सुनिश्चित की गई। मजबूरी में लोगों को निजी स्रोतों से महंगे दामों पर पानी खरीदना पड़ रहा है, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
स्थानीय निवासियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द जल आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे आंदोलन के लिए सड़क पर उतरेंगे। लोगों का कहना है कि आने वाले चुनावों में ऐसे जनप्रतिनिधियों को जवाब दिया जाएगा, जो संकट के समय जनता से मुंह मोड़ लेते हैं।
वार्ड 17 में बनी यह स्थिति नगर निगम की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। अब देखना यह है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी जनता की पीड़ा को समझते हुए तत्काल समाधान निकालते हैं, या फिर लोग यूं ही पानी की एक-एक बूंद के लिए तरसते रहेंगे।